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9 May 2024 · 1 min read

*भारत*

“” भारत “”
***********

( 1 ) ” भा “, भारत भाग्य विधाता
जय जय जय माँ भारती !
चहुँदिशाएं गूंजें जयनारे…….,
वन्देमातरम जय भारती !!

( 2 ) ” “, रथ सिंह पे होके आरुढ़
जब चले है भारतमाता !
होए गर्जना दसों दिशाएं……,
गाएं भारत की मिल जयगाथा !!

( 3 ) ” “, तप यज्ञ और साधना की
है ये देव ऋषि भूमि भारत !
धर्म परंपराएं हैं सभी सनातनी…..,
जय जय जय मातृभूमि भारत !!

( 4 ) ” भारत “, भारत बसता है गांव-गांव में
चलें हर आनन पे खुशियाँ छाएं !
माँ के आँचल छाँव में रहकर….,
नयनों में प्रेम आनंदरस भर आए !!

( 5 ) ” भारत “, भारत की इस पावन भूमि से
जिसने है भाल पे तिलक सजाया !
हुआ उसका ही यहां पे जन्म सफल..,
और मोक्ष उसी को मिल पाया !!

¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥

सुनीलानंद
गुरुवार,
09 मई, 2024
जयपुर,
राजस्थान |

Language: Hindi
1 Like · 44 Views
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