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9 May 2022 · 1 min read

भगवान हमारे पापा हैं

हम सबकी उम्मीदों का भोर हमारे पापा हैं
सूरज की पहली किरणों का शोर हमारे पापा हैं,

पहले नींव डली, घर बना फिर छत लगी और छांव हुई
घर की एक – एक बुनती के औजार हमारे पापा हैं,

घर के आंगन का पौधा जो छांव सहित फल देता हैं
वो मीठी सी निंबोली वाले नीम हमारे पापा हैं,

रिश्ते- नाते,जिम्मेदारी उनके दम से उनसे ही घर बार चले
इज्जत,शोहरत,रुतबा सब कुछ अभिमान हमारे पापा हैं,

वो ताकत हैं वो दौलत हैं वो हिम्मत हैं अंधीयारों में
अच्छे कर्मों के फल का वरदान हमारे पापा हैं,

दिल की धड़कन, सबकी जान प्यारी सी इस दुनियां में
इस दिल के मंदिर में बैठे भगवान हमारे पापा हैं ll

लकी राजेश खेदड़
(हिसार, हरियाणा)

449 Likes · 330 Comments · 1574 Views
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