Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Jan 2024 · 1 min read

बोलो क्या कहना है बोलो !!

,
बोलो क्या कहना है बोलो !!
••••••••••••••••••••••••••••

यदि तुम मेरी कविता पढ़ लो ,
कविता महा-ख्याति पा जाये !
भूले से पुस्तक यदि पढ़ लो,
तो वह महा-ग्रंथ कहलाये !!
—————————-
उस दर पर जाने का फिर-फिर,
फिर-फिर मन होता है-
जिस दर पर जा बिन माँगे ही ,
बिन माँगे वांक्षित मिल जाये !
—————————-‐-
बहुत बड़ी है भूल यहाँ पर ,
भूल यहाँ पर बहुत बड़ी है –
जो बिन माँगे साथ निभाये,
वो ही कद्र यहाँ ना पाये!
———————————
हाथ बढ़ा कर जिस ने सच्चा,
सच्चा जिस ने प्यार किया है –
मतलव होगा ! के संशय में ,
मान करे अपमान ही पाये !
—————————-‐-
दुनियां है यहाँ बिन माँगे भी,
देना जैसे श्राप किया है –
लेकिन देने वाले देंगे,
भले ही याचक मन भरमाये !
——————————-
माँगे से भी नहीं मिले जब,
तब कुछ पाने की कीमत है-
गर्मी की कीमत तब ही है,
जब जाड़े में इठ-इठ जाये !
————————‐——–
कुदरत से बढ़ कर वह दर भी,
कहाँ मिलेगा कहाँ मिलेगा-
कुदररत ऐसा दर है यारो,
बिन माँगे सब कुछ मिल जाये !
—‐————————————————-
मौलिक चिंतन/स्वरूप दिनकर, आगरा
06/01/2024
—————-‐————-

58 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
#जंगल_में_मंगल
#जंगल_में_मंगल
*Author प्रणय प्रभात*
कुछ तो अच्छा छोड़ कर जाओ आप
कुछ तो अच्छा छोड़ कर जाओ आप
Shyam Pandey
प्यार जताना नहीं आता ...
प्यार जताना नहीं आता ...
MEENU
3256.*पूर्णिका*
3256.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मैं भारत का जवान हूं...
मैं भारत का जवान हूं...
AMRESH KUMAR VERMA
त्याग समर्पण न रहे, टूट ते परिवार।
त्याग समर्पण न रहे, टूट ते परिवार।
Anil chobisa
पिता का पता
पिता का पता
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
बैरिस्टर ई. राघवेन्द्र राव
बैरिस्टर ई. राघवेन्द्र राव
Dr. Pradeep Kumar Sharma
नारी-शक्ति के प्रतीक हैं दुर्गा के नौ रूप
नारी-शक्ति के प्रतीक हैं दुर्गा के नौ रूप
कवि रमेशराज
*रखो हमेशा इस दुनिया से, चलने की तैयारी (गीत)*
*रखो हमेशा इस दुनिया से, चलने की तैयारी (गीत)*
Ravi Prakash
हया
हया
sushil sarna
उठो, जागो, बढ़े चलो बंधु...( स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उनके दिए गए उत्प्रेरक मंत्र से प्रेरित होकर लिखा गया मेरा स्वरचित गीत)
उठो, जागो, बढ़े चलो बंधु...( स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उनके दिए गए उत्प्रेरक मंत्र से प्रेरित होकर लिखा गया मेरा स्वरचित गीत)
डॉ.सीमा अग्रवाल
यदि आपका चरित्र और कर्म श्रेष्ठ हैं, तो भविष्य आपका गुलाम हो
यदि आपका चरित्र और कर्म श्रेष्ठ हैं, तो भविष्य आपका गुलाम हो
लोकेश शर्मा 'अवस्थी'
बीज
बीज
Dr.Priya Soni Khare
तुम मेरी जिन्दगी बन गए हो।
तुम मेरी जिन्दगी बन गए हो।
Taj Mohammad
पुस्तक समीक्षा -राना लिधौरी गौरव ग्रंथ
पुस्तक समीक्षा -राना लिधौरी गौरव ग्रंथ
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
पाती कोई जब लिखता है।
पाती कोई जब लिखता है।
डॉक्टर रागिनी
💐प्रेम कौतुक-411💐
💐प्रेम कौतुक-411💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
जो कहना है खुल के कह दे....
जो कहना है खुल के कह दे....
Shubham Pandey (S P)
जो तेरे दिल पर लिखा है एक पल में बता सकती हूं ।
जो तेरे दिल पर लिखा है एक पल में बता सकती हूं ।
Phool gufran
Gazal
Gazal
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
"कविता और प्रेम"
Dr. Kishan tandon kranti
रंग में डूबने से भी नहीं चढ़ा रंग,
रंग में डूबने से भी नहीं चढ़ा रंग,
Buddha Prakash
बढ़ रही नारी निरंतर
बढ़ रही नारी निरंतर
surenderpal vaidya
कसम है तुम्हें भगतसिंह की
कसम है तुम्हें भगतसिंह की
Shekhar Chandra Mitra
बसंत पंचमी
बसंत पंचमी
Mukesh Kumar Sonkar
ग़ज़ल
ग़ज़ल
नितिन पंडित
जब आसमान पर बादल हों,
जब आसमान पर बादल हों,
Shweta Soni
it's a generation of the tired and fluent in silence.
it's a generation of the tired and fluent in silence.
पूर्वार्थ
इक अजीब सी उलझन है सीने में
इक अजीब सी उलझन है सीने में
करन ''केसरा''
Loading...