Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 May 2023 · 1 min read

बेशर्मी के दौर में, मरा आँख का नीर

बेशर्मी के दौर में, मरा आँख का नीर
जर्जर होती जा रही, रिश्तों की जंजीर
रिश्तों की जंजीर,बड़ी दौलत की ताकत
और भा रही ख़ूब, अकेलेपन की आदत
कहे ‘अर्चना’ बात, चलन में है हठधर्मी
सिखा रही है आज, आधुनिकता बेशर्मी

25-05-2022
डॉ अर्चना गुप्ता

4 Likes · 2 Comments · 1186 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr Archana Gupta
View all
You may also like:
Exam Stress
Exam Stress
Tushar Jagawat
यहां कुछ भी स्थाई नहीं है
यहां कुछ भी स्थाई नहीं है
शेखर सिंह
छद्म शत्रु
छद्म शत्रु
Arti Bhadauria
तुम आशिक़ हो,, जाओ जाकर अपना इश्क़ संभालो ..
तुम आशिक़ हो,, जाओ जाकर अपना इश्क़ संभालो ..
पूर्वार्थ
🙅मैच फिक्स🙅
🙅मैच फिक्स🙅
*प्रणय प्रभात*
धीरे धीरे बदल रहा
धीरे धीरे बदल रहा
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
"आत्मकथा"
Rajesh vyas
बेज़ार सफर (कविता)
बेज़ार सफर (कविता)
Monika Yadav (Rachina)
"प्यासा"के गजल
Vijay kumar Pandey
एकांत बनाम एकाकीपन
एकांत बनाम एकाकीपन
Sandeep Pande
3036.*पूर्णिका*
3036.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
"अवसाद का रंग"
Dr. Kishan tandon kranti
बेटी
बेटी
Vandna Thakur
मजबूरियां थी कुछ हमारी
मजबूरियां थी कुछ हमारी
gurudeenverma198
बिडम्बना
बिडम्बना
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
प्रीति क्या है मुझे तुम बताओ जरा
प्रीति क्या है मुझे तुम बताओ जरा
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
जीवन दया का
जीवन दया का
Dr fauzia Naseem shad
मच्छर
मच्छर
लक्ष्मी सिंह
जंग अहम की
जंग अहम की
Mamta Singh Devaa
कविता (आओ तुम )
कविता (आओ तुम )
Sangeeta Beniwal
समय
समय
Swami Ganganiya
ये जो मेरी आँखों में
ये जो मेरी आँखों में
हिमांशु Kulshrestha
तुम ही तुम हो
तुम ही तुम हो
मानक लाल मनु
गांव और वसंत
गांव और वसंत
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
*यारा तुझमें रब दिखता है *
*यारा तुझमें रब दिखता है *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
ज़िन्दगी चल नए सफर पर।
ज़िन्दगी चल नए सफर पर।
Taj Mohammad
गंगा काशी सब हैं घरही में.
गंगा काशी सब हैं घरही में.
Shyamsingh Lodhi Rajput (Tejpuriya)
चंडीगढ़ का रॉक गार्डेन
चंडीगढ़ का रॉक गार्डेन
Satish Srijan
*यह तो बात सही है सबको, जग से जाना होता है (हिंदी गजल)*
*यह तो बात सही है सबको, जग से जाना होता है (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
ख़यालों के परिंदे
ख़यालों के परिंदे
Anis Shah
Loading...