Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Jan 2017 · 1 min read

बेटियाँ

बेटियाँ

हर कोख कौम देश का अभिमान बेटियाँ
कर रही हैं राष्ट्र का निर्मान बेटियाँ
प्रकृति प्रदत्त प्रेम की संतान बेटियाँ
प्रभू ने खुद रचा हो जो बखान बेटियाँ

पुरुषों के सारे काज सहजता से जो कर दे
बुझते चरागे लौ को जो आशाओं से भर दे
नारी स्वरुप में मिली भगवान बेटियाँ
साहित्य, शिक्षा, स्वास्थ्य का संधान बेटियाँ
तकनीक औ विज्ञान में प्रतिमान बेटियाँ

रेल, वायु, सड़क मार्ग तलवों के नीचे
प्रत्येक क्षेत्र में किया लड़कों को है पीछे
सौभाग्यशाली पाते हैं वरदान बेटियाँ
किसी भी क्षेत्र से नहीं अनजान बेटियाँ
मैके में अब नहीं रही मेहमान बेटियाँ

कोख में ही मारने वालों ज़रा सोचो
पाओगे कैसे तुम बहू इस कृत्य को रोको
कुल को बढ़ा सके जो वो सम्मान बेटियाँ
शो पीस अबला सी नहीं सामान बेटियाँ
अब बाप के लिए नहीं अपमान बेटियाँ

करुना, ममत्व, क्षमा, प्रेम, दया, धर्म, दान
विरले पुरुष ही पाते हैं ऐसे गुणों का मान
सम्पूर्ण विश्व में गुणों की खान बेटियाँ
दहेज़ की दुकान का ब्यवधान बेटियाँ
खेलों में सुनाती हैं राष्ट्र गान बेटियाँ

हर कोख कौम देश का अभिमान बेटियाँ
कर रही हैं राष्ट्र का निर्मान बेटियाँ

प्रदीप तिवारी ‘धवल’

1481 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
नवरात्रि-गीत /
नवरात्रि-गीत /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
2878.*पूर्णिका*
2878.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
--बेजुबान का दर्द --
--बेजुबान का दर्द --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
#आलिंगनदिवस
#आलिंगनदिवस
सत्य कुमार प्रेमी
ऐ वसुत्व अर्ज किया है....
ऐ वसुत्व अर्ज किया है....
प्रेमदास वसु सुरेखा
हाइकु- शरद पूर्णिमा
हाइकु- शरद पूर्णिमा
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
एक मीठा सा एहसास
एक मीठा सा एहसास
हिमांशु Kulshrestha
तुम क्या हो .....
तुम क्या हो ....." एक राजा "
Rohit yadav
सत्य की खोज
सत्य की खोज
Rekha Drolia
मेला एक आस दिलों🫀का🏇👭
मेला एक आस दिलों🫀का🏇👭
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
पूछो हर किसी सेआजकल  जिंदगी का सफर
पूछो हर किसी सेआजकल जिंदगी का सफर
पूर्वार्थ
कोई फैसला खुद के लिए, खुद से तो करना होगा,
कोई फैसला खुद के लिए, खुद से तो करना होगा,
Anand Kumar
दो सहोदर
दो सहोदर
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
"इतिहास गवाह है"
Dr. Kishan tandon kranti
*मंजिल मिलेगी तुम अगर, अविराम चलना ठान लो 【मुक्तक】*
*मंजिल मिलेगी तुम अगर, अविराम चलना ठान लो 【मुक्तक】*
Ravi Prakash
अब की बार पत्थर का बनाना ए खुदा
अब की बार पत्थर का बनाना ए खुदा
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
मेरा गुरूर है पिता
मेरा गुरूर है पिता
VINOD CHAUHAN
धरती मेरी स्वर्ग
धरती मेरी स्वर्ग
Sandeep Pande
बहुत कुछ था कहने को भीतर मेरे
बहुत कुछ था कहने को भीतर मेरे
श्याम सिंह बिष्ट
■ शायद...?
■ शायद...?
*Author प्रणय प्रभात*
When you realize that you are the only one who can lift your
When you realize that you are the only one who can lift your
Manisha Manjari
"जून की शीतलता"
Dr Meenu Poonia
अभिव्यक्ति के प्रकार - भाग 03 Desert Fellow Rakesh Yadav
अभिव्यक्ति के प्रकार - भाग 03 Desert Fellow Rakesh Yadav
Desert fellow Rakesh
निर्णय लेने में
निर्णय लेने में
Dr fauzia Naseem shad
🌹मेरे जज़्बात, मेरे अल्फ़ाज़🌹
🌹मेरे जज़्बात, मेरे अल्फ़ाज़🌹
Dr Shweta sood
कुछ बातें ज़रूरी हैं
कुछ बातें ज़रूरी हैं
Mamta Singh Devaa
विधवा
विधवा
Acharya Rama Nand Mandal
गुलामी के कारण
गुलामी के कारण
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
आराम का हराम होना जरूरी है
आराम का हराम होना जरूरी है
हरवंश हृदय
सत्य प्रेम से पाएंगे
सत्य प्रेम से पाएंगे
महेश चन्द्र त्रिपाठी
Loading...