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12 Mar 2019 · 1 min read

बेघर

ना बदलो तुम ईमान अपना सब बुरा कहेंगे
जन्नत भी यही जमीं पर गर सब प्यार करेंगे

तकरार करने से फायदा हुआ क्या किसका
काम बनेगें सब गर सब मिलकर साथ रहेंगे

क्यो अपने मां बाप को करते हो घर से बेघर
सोचे वो ओरों की भांति तो बच्चे बेघर मरेंगे

प्रकृति को तुमने दिया ही क्या है आज तक
सीखो कुछ जीवन मे सब रंग यही मिलेंगे

मोहन तू तो सच्चाई पर रहा कायम सदा ही
सब वायदे कर मुकर अपनी जेबें भरते रहेंगे

1 Comment · 597 Views
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