Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Nov 2023 · 1 min read

#बाल_दिवस_से_क्या_होगा?

#आज_का_सवाल-
■ बाल दिवस से क्या होगा?
【प्रणय प्रभात】
365 दिनों में एक दिवस मनाने से नहीं, हमेशा के लिए सोच बदलने से बचेगा बचपन। निरीह मासूमों पर न थोपें अपनी भारी-भरकम महत्वाकांक्षाएं। उनके कच्चे और कमज़ोर कंधों पर न लादें कमीशनखोरी के लिए भारी बस्ते। मासूम जिस्मों पर न पड़ने दें दरिंदों की गिद्ध-दृष्टि।
करें संकल्प, सोचें विकल्प बाल संरक्षण के। साथ ही स्वीकारें यह सच, कि बाल-अपराध से बुरा नहीं है बाल-श्रम। कम से कम उस देश में, जहां हादसों और वारदातों के बाद मुआवज़े का विधान तो है, बेहतर परवरिश के लिए मदद का प्रावधान नहीं।
विशेष कर उस विकासशील देश में जहां 80 करोड़ आबादी आज भी सरकारी टुकड़ों पर निर्भर है। उस देश में जहां बचपन पहले घर में पिटता है, फिर बाहर। जी हां, वही बचपन जो किशोर अवस्था तक पहुंचने के बाद अकाल मौत का वरण कर लेता है उच्च शिक्षा के लिए गला-काट स्पर्द्धा के दौर में। वही बचपन, जो तरुणाई में आत्मघाती क़दम उठाने पर विवश होता है, एक अदद नौकरी न मिल पाने से हताश हो कर। पेपर-लीक, परीक्षा-निरस्ती, पद और अवसरों की नीलामी, चैक एंड जैक सिस्टम, भाई-भतीजावाद और आर्थिक दयनीयता जैसे अभिशापों के मकड़जाल में घिरने व छटपटाने के बाद।
क्या लिखूं और कितना? न कोई पढ़ने वाला, न कोई सुनने वाला। ऐसे में बस एक ही सवाल। रोज़ नए बवाल वाले मुल्क़ में काहे का बाल-दिवस और किसके लिए…?
■ प्रणय प्रभात ■
●संपादक/न्यूज़&व्यूज़●
श्योपुर (मध्यप्रदेश)

1 Like · 207 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
तन से अपने वसन घटाकर
तन से अपने वसन घटाकर
Suryakant Dwivedi
Anand mantra
Anand mantra
Rj Anand Prajapati
कल शाम में बारिश हुई,थोड़ी ताप में कमी आई
कल शाम में बारिश हुई,थोड़ी ताप में कमी आई
Keshav kishor Kumar
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
मेरे दिल मे रहा जुबान पर आया नहीं....,
मेरे दिल मे रहा जुबान पर आया नहीं....,
कवि दीपक बवेजा
कमरा उदास था
कमरा उदास था
Shweta Soni
आवाहन
आवाहन
Shyam Sundar Subramanian
दो शब्द ढूँढ रहा था शायरी के लिए,
दो शब्द ढूँढ रहा था शायरी के लिए,
Shashi Dhar Kumar
शिक्षा ही जीवन है
शिक्षा ही जीवन है
SHAMA PARVEEN
****** घूमते घुमंतू गाड़ी लुहार ******
****** घूमते घुमंतू गाड़ी लुहार ******
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
दम तोड़ते अहसास।
दम तोड़ते अहसास।
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
2451.पूर्णिका
2451.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
"विश्वास"
Dr. Kishan tandon kranti
पिता
पिता
विजय कुमार अग्रवाल
स्पर्श
स्पर्श
Ajay Mishra
सुकून ए दिल का वह मंज़र नहीं होने देते। जिसकी ख्वाहिश है, मयस्सर नहीं होने देते।।
सुकून ए दिल का वह मंज़र नहीं होने देते। जिसकी ख्वाहिश है, मयस्सर नहीं होने देते।।
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
चाँदनी रातों में बहार-ए-चमन,
चाँदनी रातों में बहार-ए-चमन,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
अरे आज महफिलों का वो दौर कहाँ है
अरे आज महफिलों का वो दौर कहाँ है
VINOD CHAUHAN
कृतज्ञता
कृतज्ञता
Dr. Pradeep Kumar Sharma
*जिंदगी के युद्ध में, मत हार जाना चाहिए (गीतिका)*
*जिंदगी के युद्ध में, मत हार जाना चाहिए (गीतिका)*
Ravi Prakash
युग युवा
युग युवा
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
पिछले पन्ने 9
पिछले पन्ने 9
Paras Nath Jha
कोई यादों में रहा, कोई ख्यालों में रहा;
कोई यादों में रहा, कोई ख्यालों में रहा;
manjula chauhan
17रिश्तें
17रिश्तें
Dr .Shweta sood 'Madhu'
आदमी इस दौर का हो गया अंधा …
आदमी इस दौर का हो गया अंधा …
shabina. Naaz
" आखिर कब तक ...आखिर कब तक मोदी जी "
DrLakshman Jha Parimal
देखना हमको
देखना हमको
Dr fauzia Naseem shad
*** यादों का क्रंदन ***
*** यादों का क्रंदन ***
Dr Manju Saini
न जाने क्यों अक्सर चमकीले रैपर्स सी हुआ करती है ज़िन्दगी, मोइ
न जाने क्यों अक्सर चमकीले रैपर्स सी हुआ करती है ज़िन्दगी, मोइ
पूर्वार्थ
* माई गंगा *
* माई गंगा *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...