Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 Nov 2022 · 1 min read

बाल कविता दुश्मन को कभी मित्र न मानो

मिली कही तुलसी की माला,
लेकर उसे गले में डाला।
तन पर अपने राख लगाई,
बैरागी सा रूप बनाया।
बिल्ली चली प्रयाग नहाने,
चूहो से बोली,ए प्यारो,
मैने किए हजारों पाप,
तुमको दिए कितने संताप।
कर उन सब पापो का ख्याल,
मैने छोड़ा ये जग जंगाल,
अब जाती हूं तीर्थ करने,
राम राम रट कर मरने।

चूहो न किया सोच विचार,
सत्तू बांध हुए वे तैयार,
ज्योहि पहुंची बिल्ली पुल के पास,
बिल्ली करने लगी उनका नाश।
ले ले उनको खूब चबाने,
दोनो कूल्हे लगी मटकाने।
दुश्मन को कभी मित्र न मानो,
उसका कहा कभी मत मानो।।

आर के रस्तोगी गुरुग्राम

Language: Hindi
1 Like · 1 Comment · 274 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ram Krishan Rastogi
View all
You may also like:
रिमझिम बारिश
रिमझिम बारिश
Anil "Aadarsh"
23/05.छत्तीसगढ़ी पूर्णिका
23/05.छत्तीसगढ़ी पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
श्री राम अमृतधुन भजन
श्री राम अमृतधुन भजन
Khaimsingh Saini
माँ
माँ
Dr Archana Gupta
कुर्सी
कुर्सी
Bodhisatva kastooriya
■ उसकी रज़ा, अपना मज़ा।।
■ उसकी रज़ा, अपना मज़ा।।
*Author प्रणय प्रभात*
ये ऊँचे-ऊँचे पर्वत शिखरें,
ये ऊँचे-ऊँचे पर्वत शिखरें,
Buddha Prakash
सुना हूं किसी के दबाव ने तेरे स्वभाव को बदल दिया
सुना हूं किसी के दबाव ने तेरे स्वभाव को बदल दिया
Keshav kishor Kumar
रिश्ते
रिश्ते
पूर्वार्थ
जिन पांवों में जन्नत थी उन पांवों को भूल गए
जिन पांवों में जन्नत थी उन पांवों को भूल गए
कवि दीपक बवेजा
कमाण्डो
कमाण्डो
Dr. Kishan tandon kranti
*** आकांक्षा : आसमान की उड़ान..! ***
*** आकांक्षा : आसमान की उड़ान..! ***
VEDANTA PATEL
*कभी कभी यह भी होता है, साँस न वापस आती (गीत )*
*कभी कभी यह भी होता है, साँस न वापस आती (गीत )*
Ravi Prakash
मंजिलें
मंजिलें
Mukesh Kumar Sonkar
आंखों की भाषा के आगे
आंखों की भाषा के आगे
Ragini Kumari
मुस्कुराना चाहते हो
मुस्कुराना चाहते हो
surenderpal vaidya
सच में कितना प्यारा था, मेरे नानी का घर...
सच में कितना प्यारा था, मेरे नानी का घर...
Anand Kumar
चोला रंग बसंती
चोला रंग बसंती
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
है नसीब अपना अपना-अपना
है नसीब अपना अपना-अपना
VINOD CHAUHAN
चरित्र राम है
चरित्र राम है
Sanjay ' शून्य'
बोल हिन्दी बोल, हिन्दी बोल इण्डिया
बोल हिन्दी बोल, हिन्दी बोल इण्डिया
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
नेता सोये चैन से,
नेता सोये चैन से,
sushil sarna
हसीब सोज़... बस याद बाक़ी है
हसीब सोज़... बस याद बाक़ी है
अरशद रसूल बदायूंनी
खेतों में हरियाली बसती
खेतों में हरियाली बसती
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
लक्ष्य
लक्ष्य
लक्ष्मी सिंह
मैं बंजारा बन जाऊं
मैं बंजारा बन जाऊं
Shyamsingh Lodhi (Tejpuriya)
भूखे हैं कुछ लोग !
भूखे हैं कुछ लोग !
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
💐प्रेम कौतुक-487💐
💐प्रेम कौतुक-487💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
इक धुँधला चेहरा, कुछ धुंधली यादें।
इक धुँधला चेहरा, कुछ धुंधली यादें।
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
बुद्ध फिर मुस्कुराए / मुसाफ़िर बैठा
बुद्ध फिर मुस्कुराए / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
Loading...