Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Jun 2016 · 1 min read

बाल कविता :– गुड़िया है दंग !!

गुड़िया है दंग

सूरज किरन , चमके गगन ,
चले सनन-सनन, बहकी पवन ,
उडती पतंग !
गुड़िया है दंग !!

खीचे है डोर , मस्ती और शोर,
मन को हिलोर , हसे जोर-जोर,
अम्मा के संग !
गुड़िया है दंग !!

ले के आश , गई अम्मा के पास ,
इन्द्रधनुश , दमके आकाश ,
इन्द्रधनुश का प्यारा रंग !
गुड़िया है दंग !!

कोयल कूके , बाग बगीचे ,
अति प्रिय वाणी , नभ तल नीचे ,
नीलकण्ठ का प्यारा अंग !
गुड़िया है दंग !!

करता कल-कल , नदिया का जल,
होती हलचल , हरदम हरपल ,
उठती जल तरंग !
गुड़िया है दंग !!

बडी ठाठ-बाठ , है सोन घाट ,
देवी के द्वार , सजता है हाट ,
मन मे उमंग !
गुड़िया है दंग !!

सर्कस जादू , ठेलम ठेला ,
गुड्डे गुडियों से सजा है मेला ,
दुल्दुल घोडी और मलंग !
गुड़िया है दंग !!

गुलाबजामुन और मिठाई ,
पानीपुरी संग चाट खटाई ,
बर्फी पेठा और मलाई ,
खूब सजे लड्डू और लाई ,
लस्सी और भंग !
गुड़िया है दंग !!

Language: Hindi
2 Likes · 3 Comments · 969 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
नारी जागरूकता
नारी जागरूकता
Kanchan Khanna
नई उम्मीद
नई उम्मीद
Pratibha Pandey
मरासिम
मरासिम
Shyam Sundar Subramanian
(21)
(21) "ऐ सहरा के कैक्टस ! *
Kishore Nigam
*सूने पेड़ हुए पतझड़ से, उपवन खाली-खाली (गीत)*
*सूने पेड़ हुए पतझड़ से, उपवन खाली-खाली (गीत)*
Ravi Prakash
ट्रेन दुर्घटना
ट्रेन दुर्घटना
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
करो कुछ मेहरबानी यूँ,
करो कुछ मेहरबानी यूँ,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
बहुत खूबसूरत सुबह हो गई है।
बहुत खूबसूरत सुबह हो गई है।
surenderpal vaidya
खुद की अगर खुद से
खुद की अगर खुद से
Dr fauzia Naseem shad
ऐसा कभी क्या किया है किसी ने
ऐसा कभी क्या किया है किसी ने
gurudeenverma198
कब तक बरसेंगी लाठियां
कब तक बरसेंगी लाठियां
Shekhar Chandra Mitra
"लेकिन"
Dr. Kishan tandon kranti
3003.*पूर्णिका*
3003.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
#drarunkumarshastri
#drarunkumarshastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
अर्धांगिनी
अर्धांगिनी
VINOD CHAUHAN
श्रीराम मंगल गीत।
श्रीराम मंगल गीत।
Acharya Rama Nand Mandal
जीने दो मुझे अपने वसूलों पर
जीने दो मुझे अपने वसूलों पर
goutam shaw
न कोई काम करेंगें,आओ
न कोई काम करेंगें,आओ
Shweta Soni
सिंदूर..
सिंदूर..
Ranjeet kumar patre
#बैठे_ठाले
#बैठे_ठाले
*Author प्रणय प्रभात*
मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में
मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में
Anis Shah
अनुप्रास अलंकार
अनुप्रास अलंकार
नूरफातिमा खातून नूरी
माना तुम्हारे मुक़ाबिल नहीं मैं।
माना तुम्हारे मुक़ाबिल नहीं मैं।
डॉ.सीमा अग्रवाल
पृथ्वीराज
पृथ्वीराज
Sandeep Pande
अंधकार जितना अधिक होगा प्रकाश का प्रभाव भी उसमें उतना गहरा औ
अंधकार जितना अधिक होगा प्रकाश का प्रभाव भी उसमें उतना गहरा औ
Rj Anand Prajapati
चंद ख्वाब मेरी आँखों के, चंद तसव्वुर तेरे हों।
चंद ख्वाब मेरी आँखों के, चंद तसव्वुर तेरे हों।
Shiva Awasthi
प्रेम का दरबार
प्रेम का दरबार
Dr.Priya Soni Khare
मैंने खुद के अंदर कई बार झांका
मैंने खुद के अंदर कई बार झांका
ruby kumari
वो हमसे पराये हो गये
वो हमसे पराये हो गये
Dr. Man Mohan Krishna
अब न करेगे इश्क और न करेगे किसी की ग़ुलामी,
अब न करेगे इश्क और न करेगे किसी की ग़ुलामी,
Vishal babu (vishu)
Loading...