Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Mar 2017 · 1 min read

बालगीत. हम बच्चे….

सुप्रभात, नमस्कार ! जय बाबा….

बाल गीत
********
हम बच्चे, मन के सच्चे
लो प्यार जताने आये हैं
घर आँगन के उपवन में
कुछ फूल खिलाने आये हैं ।

खेलें कूदें ऒर मॊज करें
तितली की तरह से फिरें
कभी छम छम छम
कभी धम धम धम
हम खूब धमाल करें ।

पापा के हम काँधे में चढ़ें
गोदी में माँ की गिरें
दादा दादी, नाना नानी
दिन रात दुलार करें ।

थोडा़ रो लें,ऒर फिर हँस दें
थोड़ा सा लड़ें, झगड़ें
कभी जिद भी करें
जम कर मचलें
सबको हैरान करें ।

सब भूल के हम खुश रहते हैं
यह बात बताने आये हैं
हम बच्चे, मन के सच्चे
लो प्यार जताने आये हैं ।

गीतेश दुबे ” गीत “

Language: Hindi
Tag: गीत
575 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
💐प्रेम कौतुक-522💐
💐प्रेम कौतुक-522💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मनुष्यता बनाम क्रोध
मनुष्यता बनाम क्रोध
Dr MusafiR BaithA
"तुम्हारी हंसी" (Your Smile)
Sidhartha Mishra
सरकारी नौकरी
सरकारी नौकरी
Dr. Pradeep Kumar Sharma
सजी सारी अवध नगरी , सभी के मन लुभाए हैं
सजी सारी अवध नगरी , सभी के मन लुभाए हैं
Rita Singh
हर जौहरी को हीरे की तलाश होती है,, अज़ीम ओ शान शख्सियत.. गुल
हर जौहरी को हीरे की तलाश होती है,, अज़ीम ओ शान शख्सियत.. गुल
Shweta Soni
■ चुनावी_मुद्दा
■ चुनावी_मुद्दा
*Author प्रणय प्रभात*
नज़ारे स्वर्ग के लगते हैं
नज़ारे स्वर्ग के लगते हैं
Neeraj Agarwal
शिक्षा का महत्व
शिक्षा का महत्व
Dinesh Kumar Gangwar
सत्य ही शिव
सत्य ही शिव
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
तुकबन्दी अब छोड़ो कविवर,
तुकबन्दी अब छोड़ो कविवर,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
“ आहाँ नीक, जग नीक”
“ आहाँ नीक, जग नीक”
DrLakshman Jha Parimal
*सौ वर्षों तक जीना अपना, अच्छा तब कहलाएगा (हिंदी गजल)*
*सौ वर्षों तक जीना अपना, अच्छा तब कहलाएगा (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
*दो स्थितियां*
*दो स्थितियां*
Suryakant Dwivedi
आंख पर पट्टी बांधे ,अंधे न्याय तौल रहे हैं ।
आंख पर पट्टी बांधे ,अंधे न्याय तौल रहे हैं ।
Slok maurya "umang"
"कैसा सवाल है नारी?"
Dr. Kishan tandon kranti
अंतिम पड़ाव
अंतिम पड़ाव
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
कुछ तो अच्छा छोड़ कर जाओ आप
कुछ तो अच्छा छोड़ कर जाओ आप
Shyam Pandey
जाग गया है हिन्दुस्तान
जाग गया है हिन्दुस्तान
Bodhisatva kastooriya
23/138.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/138.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
तुझसा कोई प्यारा नहीं
तुझसा कोई प्यारा नहीं
Mamta Rani
जागी जवानी
जागी जवानी
Pt. Brajesh Kumar Nayak
ग़ज़ल /
ग़ज़ल /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
सच और झूँठ
सच और झूँठ
विजय कुमार अग्रवाल
सम्यक योग की साधना दुरुस्त करे सब भोग,
सम्यक योग की साधना दुरुस्त करे सब भोग,
Mahender Singh
गम के दिनों में साथ कोई भी खड़ा न था।
गम के दिनों में साथ कोई भी खड़ा न था।
सत्य कुमार प्रेमी
चाय ही पी लेते हैं
चाय ही पी लेते हैं
Ghanshyam Poddar
खुद की अगर खुद से
खुद की अगर खुद से
Dr fauzia Naseem shad
मैं खंडहर हो गया पर तुम ना मेरी याद से निकले
मैं खंडहर हो गया पर तुम ना मेरी याद से निकले
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
आँख अब भरना नहीं है
आँख अब भरना नहीं है
Vinit kumar
Loading...