Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Jun 2023 · 1 min read

बारिश की संध्या

बारिश की संध्या मदमाती
आती प्राणों को मथ जाती

रिमझिम रिमझिम झरता पानी
करता संध्या की अगवानी
लौ सॅंझवाती के दीपक की
अन्तस में ज्वाला सुलगाती

गूॅंजती हवा में स्वर लहरी
परिवेश रचाती जो, ठहरी
भींगे फूलों की खुशबू नव
संदेश हृदय को पहुॅंचाती

सुनसान क्षणों का सरगम सुन
रोमावलि गाती गुनगुनगुन
परितोष नहीं मिलता, रसना
याचक बनने में सकुचाती

तुम बिन सूना है मन मन्दिर
निर्जन नीरव है गेह अजिर
तुम आ जाओ तो बने बात
तुम बिन संध्या न मुझे भाती

आने से मुकुलित होगा मन
निज तृषा बुझाएगा तब तन
परितृप्ति मिलेगी मानस को
बारिश होगी हिय हुलसाती

महेश चन्द्र त्रिपाठी

Language: Hindi
Tag: गीत
1 Like · 234 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from महेश चन्द्र त्रिपाठी
View all
You may also like:
धर्मगुरु और राजनेता
धर्मगुरु और राजनेता
Shekhar Chandra Mitra
विनाश नहीं करती जिन्दगी की सकारात्मकता
विनाश नहीं करती जिन्दगी की सकारात्मकता
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
नारी का बदला स्वरूप
नारी का बदला स्वरूप
विजय कुमार अग्रवाल
🇮🇳 मेरी माटी मेरा देश 🇮🇳
🇮🇳 मेरी माटी मेरा देश 🇮🇳
Dr Manju Saini
सुबह की नींद सबको प्यारी होती है।
सुबह की नींद सबको प्यारी होती है।
Yogendra Chaturwedi
स्याह रात मैं उनके खयालों की रोशनी है
स्याह रात मैं उनके खयालों की रोशनी है
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
कोई पढे या ना पढे मैं तो लिखता जाऊँगा  !
कोई पढे या ना पढे मैं तो लिखता जाऊँगा !
DrLakshman Jha Parimal
2878.*पूर्णिका*
2878.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
तेरी सख़्तियों के पीछे
तेरी सख़्तियों के पीछे
ruby kumari
खाते मोबाइल रहे, हम या हमको दुष्ट (कुंडलिया)
खाते मोबाइल रहे, हम या हमको दुष्ट (कुंडलिया)
Ravi Prakash
दोहा- छवि
दोहा- छवि
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
अन्नदाता किसान
अन्नदाता किसान
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
षड्यंत्रों की कमी नहीं है
षड्यंत्रों की कमी नहीं है
Suryakant Dwivedi
जब होंगे हम जुदा तो
जब होंगे हम जुदा तो
gurudeenverma198
व्हाट्सएप युग का प्रेम
व्हाट्सएप युग का प्रेम
Shaily
यति यतनलाल
यति यतनलाल
Dr. Pradeep Kumar Sharma
#शेर-
#शेर-
*Author प्रणय प्रभात*
ज्ञानी मारे ज्ञान से अंग अंग भीग जाए ।
ज्ञानी मारे ज्ञान से अंग अंग भीग जाए ।
Krishna Kumar ANANT
Rang hi khuch aisa hai hmare ishk ka , ki unhe fika lgta hai
Rang hi khuch aisa hai hmare ishk ka , ki unhe fika lgta hai
Sakshi Tripathi
अधरों ने की  दिल्लगी, अधरों  से  कल  रात ।
अधरों ने की दिल्लगी, अधरों से कल रात ।
sushil sarna
मेरी जिंदगी भी तुम हो,मेरी बंदगी भी तुम हो
मेरी जिंदगी भी तुम हो,मेरी बंदगी भी तुम हो
कृष्णकांत गुर्जर
ग़ज़ल/नज़्म - उसकी तो बस आदत थी मुस्कुरा कर नज़र झुकाने की
ग़ज़ल/नज़्म - उसकी तो बस आदत थी मुस्कुरा कर नज़र झुकाने की
अनिल कुमार
मैं दोस्तों से हाथ मिलाने में रह गया कैसे ।
मैं दोस्तों से हाथ मिलाने में रह गया कैसे ।
Neelam Sharma
पास नहीं
पास नहीं
Pratibha Pandey
चांदनी रातों में
चांदनी रातों में
Surinder blackpen
निकला है हर कोई उस सफर-ऐ-जिंदगी पर,
निकला है हर कोई उस सफर-ऐ-जिंदगी पर,
डी. के. निवातिया
शुभम दुष्यंत राणा Shubham Dushyant Rana जिनका जीवन समर्पित है जनसेवा के लिए आखिर कौन है शुभम दुष्यंत राणा Shubham Dushyant Rana ?
शुभम दुष्यंत राणा Shubham Dushyant Rana जिनका जीवन समर्पित है जनसेवा के लिए आखिर कौन है शुभम दुष्यंत राणा Shubham Dushyant Rana ?
Bramhastra sahityapedia
*सम्मति*
*सम्मति*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
💐प्रेम कौतुक-504💐
💐प्रेम कौतुक-504💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
प्रेम
प्रेम
विमला महरिया मौज
Loading...