Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 Jul 2016 · 1 min read

बादल

झूम झूम जब छाते बादल
जल कितना बरसाते बादल

हो जाता है तन मन हर्षित
घर घर खुशियाँ लाते बादल

आसमान में उड़ते जाते
मन को खूब लुभाते बादल

मस्त मगन हैं संग पवन के
क्या क्या रूप दिखाते बादल

वृक्ष वनों में शोर मचाते
उनको गले लगाते बादल

ओजोन परत छेदी मानव ने
इसीलिए फट जाते बादल

रुष्ट हुई है प्यासी धरती
आकर उसे मनाते बादल

सूरज डर कर छुप जाता है
उसको खूब डराते बादल

नाच रहे हैं मोर वनों में
मधुरिम गीत सुनाते बादल

सरल प्रेम की बूंदे भरकर
हम पर खूब गिराते बादल

Language: Hindi
Tag: गीत
2 Likes · 1 Comment · 528 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मन की पीड़ा क
मन की पीड़ा क
Neeraj Agarwal
■ सबको पता है...
■ सबको पता है...
*Author प्रणय प्रभात*
माफी
माफी
Dr. Pradeep Kumar Sharma
प्रेम
प्रेम
Ranjana Verma
మంత్రాలయము మహా పుణ్య క్షేత్రము
మంత్రాలయము మహా పుణ్య క్షేత్రము
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
खोज करो तुम मन के अंदर
खोज करो तुम मन के अंदर
Buddha Prakash
उम्मीद
उम्मीद
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
बैगन के तरकारी
बैगन के तरकारी
Ranjeet Kumar
गीत प्यार के ही गाता रहूं ।
गीत प्यार के ही गाता रहूं ।
Rajesh vyas
क्षणिकाए - व्यंग्य
क्षणिकाए - व्यंग्य
Sandeep Pande
कभी कभी
कभी कभी
Shweta Soni
पहिए गाड़ी के हुए, पत्नी-पति का साथ (कुंडलिया)
पहिए गाड़ी के हुए, पत्नी-पति का साथ (कुंडलिया)
Ravi Prakash
हिंदी का सम्मान
हिंदी का सम्मान
Arti Bhadauria
आवो पधारो घर मेरे गणपति
आवो पधारो घर मेरे गणपति
gurudeenverma198
प्रेम के जीत।
प्रेम के जीत।
Acharya Rama Nand Mandal
रेत घड़ी / मुसाफ़िर बैठा
रेत घड़ी / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
2383.पूर्णिका
2383.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
आज लिखने बैठ गया हूं, मैं अपने अतीत को।
आज लिखने बैठ गया हूं, मैं अपने अतीत को।
SATPAL CHAUHAN
खेल सारा सोच का है, हार हो या जीत हो।
खेल सारा सोच का है, हार हो या जीत हो।
Yogi Yogendra Sharma : Motivational Speaker
बेटियां तो बस बेटियों सी होती है।
बेटियां तो बस बेटियों सी होती है।
Taj Mohammad
अपनों की भीड़ में भी
अपनों की भीड़ में भी
Dr fauzia Naseem shad
रमेशराज की कहमुकरी संरचना में 10 ग़ज़लें
रमेशराज की कहमुकरी संरचना में 10 ग़ज़लें
कवि रमेशराज
जवानी
जवानी
Pratibha Pandey
ईश्वर नाम रख लेने से, तुम ईश्वर ना हो जाओगे,
ईश्वर नाम रख लेने से, तुम ईश्वर ना हो जाओगे,
Anand Kumar
लोग कहते हैं कि प्यार अँधा होता है।
लोग कहते हैं कि प्यार अँधा होता है।
आनंद प्रवीण
हृदय वीणा हो गया।
हृदय वीणा हो गया।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
" अकेलापन की तड़प"
Pushpraj Anant
आतंकवाद सारी हदें पार कर गया है
आतंकवाद सारी हदें पार कर गया है
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
हिन्दी दोहा बिषय-
हिन्दी दोहा बिषय- "घुटन"
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
"निखार" - ग़ज़ल
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
Loading...