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बात न पूछ

मेरे दिल की बात न पूछ,
कैसे हैं हालात न पूछ।

बिन तेरे गुजरे हैं कैसे,
दिलबर दिन और रात न पूछ।

छोड़ गया जब से हरजाई,
नैनो की बरसात न पूछ।

दिल टूटा है यारों जिनका,
उनसे दिल की बात न पूछ।

साजन जिनके दूर गये हों,
उनके क्या हालात न पूछ।

इश्क़ खुदा की नेमत है तो,
फिर दिलवर की जात न पूछ।

क़ुदरत ने बख़्शी है क्या क्या,
इंसां को सौगात न पूछ।

कुदरत ही जिसकी हमदम हो,
उसकी क्या औकात न पूछ।

आज मिलन की शुभ बेला है,
कल की कोई बात न पूछ।
—–मिलन.

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