Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Jul 2023 · 1 min read

बदली है मुफ़लिसी की तिज़ारत अभी यहाँ

बदली है मुफ़लिसी की तिज़ारत अभी यहाँ
कोई बेचता खरीदता है भूख भी यहाँ ।

-महेन्द्र नारायण

2 Likes · 4 Comments · 215 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Mahendra Narayan
View all
You may also like:
*हनुमान (बाल कविता)*
*हनुमान (बाल कविता)*
Ravi Prakash
"होली है आई रे"
Rahul Singh
अच्छा इंसान
अच्छा इंसान
Dr fauzia Naseem shad
गुलाबी शहतूत से होंठ
गुलाबी शहतूत से होंठ
हिमांशु Kulshrestha
2837. *पूर्णिका*
2837. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
तुमको सोचकर जवाब दूंगा
तुमको सोचकर जवाब दूंगा
gurudeenverma198
Muhabhat guljar h,
Muhabhat guljar h,
Sakshi Tripathi
धरती का बेटा गया,
धरती का बेटा गया,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
खूबसूरत है....
खूबसूरत है....
The_dk_poetry
मर्दुम-बेज़ारी
मर्दुम-बेज़ारी
Shyam Sundar Subramanian
अधूरी मोहब्बत की कशिश में है...!!!!
अधूरी मोहब्बत की कशिश में है...!!!!
Jyoti Khari
" मेरे जीवन का राज है राज "
Dr Meenu Poonia
बरसात हुई
बरसात हुई
Surya Barman
जिंदगी में हर पल खुशियों की सौगात रहे।
जिंदगी में हर पल खुशियों की सौगात रहे।
Phool gufran
शेखर सिंह
शेखर सिंह
शेखर सिंह
गांव में छुट्टियां
गांव में छुट्टियां
Manu Vashistha
रक्षाबंधन
रक्षाबंधन
Dr Archana Gupta
हल्ला बोल
हल्ला बोल
Shekhar Chandra Mitra
💐प्रेम कौतुक-293💐
💐प्रेम कौतुक-293💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मां मेरे सिर पर झीना सा दुपट्टा दे दो ,
मां मेरे सिर पर झीना सा दुपट्टा दे दो ,
Manju sagar
सुनो तुम
सुनो तुम
Sangeeta Beniwal
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
बम बम भोले
बम बम भोले
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
"मन क्यों मौन?"
Dr. Kishan tandon kranti
आओ मिलकर नया साल मनाये*
आओ मिलकर नया साल मनाये*
Naushaba Suriya
प्रणय 2
प्रणय 2
Ankita Patel
खोज करो तुम मन के अंदर
खोज करो तुम मन के अंदर
Buddha Prakash
#मंगलकामनाएं
#मंगलकामनाएं
*Author प्रणय प्रभात*
*शहर की जिंदगी*
*शहर की जिंदगी*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
मन बहुत चंचल हुआ करता मगर।
मन बहुत चंचल हुआ करता मगर।
surenderpal vaidya
Loading...