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31 Jul 2016 · 1 min read

फूलों से जरा बचकर रहना

मिल जाते हैं रहम परायों के,
अपनों से जरा बचकर रहना
भर जाते हैं जख्म पत्थरों के
फूलों से जरा बचकर रहना
*********************
कपिल कुमार
31/07/2016

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
1 Comment · 337 Views
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