Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Jul 2023 · 1 min read

फितरत है इंसान की

मतलब की दुनिया में अब तो कद्र नहीं अहसान की
वादे करना और मुकरना फितरत है इंसान की

मीठे मीठे शब्दों से ये
अक्सर मधु रस घोलेंगे
मन में जलती ज्वाला होगी
किन्तु अमिय सा बोलेंगे
इनके स्वार्थ सिद्धि के आगे कीमत क्या है जान की
वादे करना और मुकरना फितरत है इंसान की

वर्षों पहले जो होती थी
इंसाँ में वह बात नहीं
दुनिया में सब लाभ देखते
रिश्तों में जज़्बात नहीं
कौड़ी के भी नहीं बराबर कीमत रही ज़बान की
वादे करना और मुकरना फितरत है इंसान की

काँटे लेकर फूल जगत में
सुंदर सुंदर खिलते हैं
अभिनय में माहिर जग वाले
स्वांग रचाकर मिलते हैं
बगुले मछली से करतें हैं बातें अब तो ज्ञान की
वादे करना और मुकरना फितरत है इंसान की

– आकाश महेशपुरी
कुशीनगर, उत्तर प्रदेश

19 Likes · 17 Comments · 4711 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
एक ऐसा दृश्य जो दिल को दर्द से भर दे और आंखों को आंसुओं से।
एक ऐसा दृश्य जो दिल को दर्द से भर दे और आंखों को आंसुओं से।
Rekha khichi
#प्रभा कात_चिंतन😊
#प्रभा कात_चिंतन😊
*प्रणय प्रभात*
ईश्वर नाम रख लेने से, तुम ईश्वर ना हो जाओगे,
ईश्वर नाम रख लेने से, तुम ईश्वर ना हो जाओगे,
Anand Kumar
माँ की ममता,प्यार पिता का, बेटी बाबुल छोड़ चली।
माँ की ममता,प्यार पिता का, बेटी बाबुल छोड़ चली।
Anil Mishra Prahari
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
When winter hugs
When winter hugs
Bidyadhar Mantry
मृत्यु पर विजय
मृत्यु पर विजय
Mukesh Kumar Sonkar
एहसास ए तपिश क्या होती है
एहसास ए तपिश क्या होती है
Shweta Soni
अखबार
अखबार
लक्ष्मी सिंह
"मां के यादों की लहर"
Krishna Manshi
जुदाई
जुदाई
Dr. Seema Varma
“ज़िंदगी अगर किताब होती”
“ज़िंदगी अगर किताब होती”
पंकज कुमार कर्ण
1) आखिर क्यों ?
1) आखिर क्यों ?
पूनम झा 'प्रथमा'
काश यह मन एक अबाबील होता
काश यह मन एक अबाबील होता
Atul "Krishn"
ध्यान एकत्र
ध्यान एकत्र
शेखर सिंह
जब किनारे दिखाई देते हैं !
जब किनारे दिखाई देते हैं !
Shyam Vashishtha 'शाहिद'
*पत्रिका समीक्षा*
*पत्रिका समीक्षा*
Ravi Prakash
धधक रही हृदय में ज्वाला --
धधक रही हृदय में ज्वाला --
Seema Garg
"सन्त रविदास जयन्ती" 24/02/2024 पर विशेष ...
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
ज़मीर
ज़मीर
Shyam Sundar Subramanian
कमीना विद्वान।
कमीना विद्वान।
Acharya Rama Nand Mandal
हंसगति
हंसगति
डॉ.सीमा अग्रवाल
इंडियन टाइम
इंडियन टाइम
Dr. Pradeep Kumar Sharma
यादों के बादल
यादों के बादल
singh kunwar sarvendra vikram
शिव सबके आराध्य हैं, रावण हो या राम।
शिव सबके आराध्य हैं, रावण हो या राम।
Sanjay ' शून्य'
हत्या
हत्या
Kshma Urmila
मित्रता मे १० % प्रतिशत लेल नीलकंठ बनब आवश्यक ...सामंजस्यक
मित्रता मे १० % प्रतिशत लेल नीलकंठ बनब आवश्यक ...सामंजस्यक
DrLakshman Jha Parimal
हालात ही है जो चुप करा देते हैं लोगों को
हालात ही है जो चुप करा देते हैं लोगों को
Ranjeet kumar patre
भरमाभुत
भरमाभुत
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
ज़िन्दगी में सफल नहीं बल्कि महान बनिए सफल बिजनेसमैन भी है,अभ
ज़िन्दगी में सफल नहीं बल्कि महान बनिए सफल बिजनेसमैन भी है,अभ
Rj Anand Prajapati
Loading...