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3 Jun 2016 · 1 min read

*प्रेरक*

हर ग़म में जो मुस्काते हैं
खुशियों के नगमे गाते हैं
तोड़े मन के सारे बंधन
इक नया सवेरा पाते हैं

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
364 Views
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