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Jun 14, 2016 · 1 min read

प्यार की दुनिया बसानी रह गई

बात जो दिल की बतानी रह गई
प्यार की दुनिया बसानी रह गई

चाँद तारों साथ महकी रात भर
अब अकेली रात रानी रह गई

दूसरों की पूरी करते रह गए
आखिरी अपनी कहानी रह गई

प्यार से अपने बिछड़ ये ज़िन्दगी
बोझ की बस राजधानी रह गई

ये अँधेरे इसलिए इतने घिरे
रौशनी इनको दिखानी रह गई

देखकर अपराध धोखे हर तरफ
अब यहाँ बस सावधानी रह गई

इस बदलते वक़्त के सँग अर्चना
अब मुहब्बत कब पुरानी रह गई

डॉ अर्चना गुप्ता

1 Like · 3 Comments · 587 Views
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