Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Jun 2016 · 1 min read

प्यार की दुनिया बसानी रह गई

बात जो दिल की बतानी रह गई
प्यार की दुनिया बसानी रह गई

चाँद तारों साथ महकी रात भर
अब अकेली रात रानी रह गई

दूसरों की पूरी करते रह गए
आखिरी अपनी कहानी रह गई

प्यार से अपने बिछड़ ये ज़िन्दगी
बोझ की बस राजधानी रह गई

ये अँधेरे इसलिए इतने घिरे
रौशनी इनको दिखानी रह गई

देखकर अपराध धोखे हर तरफ
अब यहाँ बस सावधानी रह गई

इस बदलते वक़्त के सँग अर्चना
अब मुहब्बत कब पुरानी रह गई

डॉ अर्चना गुप्ता

1 Like · 3 Comments · 1023 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr Archana Gupta
View all
You may also like:
.......,,
.......,,
शेखर सिंह
हे राम,,,,,,,,,सहारा तेरा है।
हे राम,,,,,,,,,सहारा तेरा है।
Sunita Gupta
नज़र
नज़र
Dr. Akhilesh Baghel "Akhil"
मेरा कान्हा जो मुझसे जुदा हो गया
मेरा कान्हा जो मुझसे जुदा हो गया
कृष्णकांत गुर्जर
रोजगार रोटी मिले,मिले स्नेह सम्मान।
रोजगार रोटी मिले,मिले स्नेह सम्मान।
विमला महरिया मौज
यकीन
यकीन
Sidhartha Mishra
खूब रोता मन
खूब रोता मन
Dr. Sunita Singh
ईर्ष्या
ईर्ष्या
Sûrëkhâ
घाव मरहम से छिपाए जाते है,
घाव मरहम से छिपाए जाते है,
Vindhya Prakash Mishra
मनभावन होली
मनभावन होली
Anamika Tiwari 'annpurna '
जिंदा होने का सबूत
जिंदा होने का सबूत
Dr. Pradeep Kumar Sharma
दोपहर जल रही है सड़कों पर
दोपहर जल रही है सड़कों पर
Shweta Soni
2466.पूर्णिका
2466.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
जब सांझ ढल चुकी है तो क्यूं ना रात हो
जब सांझ ढल चुकी है तो क्यूं ना रात हो
Ravi Ghayal
जीना सीख लिया
जीना सीख लिया
Anju ( Ojhal )
हमारे जीवन की सभी समस्याओं की वजह सिर्फ दो शब्द है:—
हमारे जीवन की सभी समस्याओं की वजह सिर्फ दो शब्द है:—
पूर्वार्थ
❤️एक अबोध बालक ❤️
❤️एक अबोध बालक ❤️
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मुझे फ़र्क नहीं दिखता, ख़ुदा और मोहब्बत में ।
मुझे फ़र्क नहीं दिखता, ख़ुदा और मोहब्बत में ।
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
"नेशनल कैरेक्टर"
Dr. Kishan tandon kranti
उपेक्षित फूल
उपेक्षित फूल
SATPAL CHAUHAN
आजा कान्हा मैं कब से पुकारूँ तुझे।
आजा कान्हा मैं कब से पुकारूँ तुझे।
Neelam Sharma
*अज्ञानी की कलम से हमारे बड़े भाई जी प्रश्नोत्तर शायद पसंद आ
*अज्ञानी की कलम से हमारे बड़े भाई जी प्रश्नोत्तर शायद पसंद आ
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
बीत गया प्यारा दिवस,करिए अब आराम।
बीत गया प्यारा दिवस,करिए अब आराम।
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
जपू नित राधा - राधा नाम
जपू नित राधा - राधा नाम
Basant Bhagawan Roy
कट्टर ईमानदार हूं
कट्टर ईमानदार हूं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
■ कटाक्ष...
■ कटाक्ष...
*Author प्रणय प्रभात*
-- नसीहत --
-- नसीहत --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
दिल किसी से
दिल किसी से
Dr fauzia Naseem shad
अंहकार
अंहकार
Neeraj Agarwal
*तुलसीदास (कुंडलिया)*
*तुलसीदास (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
Loading...