Aug 29, 2016 · 1 min read

प्यार का नशा

डरते हैं कहीं कहर ना बन जाये
शाम सुहानी तपती दोपहर ना बन जाये
रग रग में मौजूद है नाम तेरा इस कदर
तेरे प्यार का नशा कहीं जहर ना बन जाये।

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