Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Nov 2023 · 1 min read

पुण्यधरा का स्पर्श कर रही, स्वर्ण रश्मियां।

पुण्यधरा का स्पर्श कर रही, स्वर्ण रश्मियां।
खिले जा रहे फूल साथ में, नन्हीं कलियां।
आनंदित हो रहे सभी के, भाव भरे मन।
और खुशी से छलक रही हैं, सबकी अखियां।
~~~~~~~~
-सुरेन्द्रपाल वैद्य, २३/११/२०२३

1 Like · 1 Comment · 202 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from surenderpal vaidya
View all
You may also like:
🙏आप सभी को सपरिवार
🙏आप सभी को सपरिवार
Neelam Sharma
अपना कोई वजूद हो, तो बताना मेरे दोस्त।
अपना कोई वजूद हो, तो बताना मेरे दोस्त।
Sanjay ' शून्य'
पर्यावरण
पर्यावरण
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
दोहा
दोहा
गुमनाम 'बाबा'
दर्पण जब भी देखती खो जाती हूँ मैं।
दर्पण जब भी देखती खो जाती हूँ मैं।
लक्ष्मी सिंह
#यदा_कदा_संवाद_मधुर, #छल_का_परिचायक।
#यदा_कदा_संवाद_मधुर, #छल_का_परिचायक।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
मैं क्या जानूं क्या होता है किसी एक  के प्यार में
मैं क्या जानूं क्या होता है किसी एक के प्यार में
Manoj Mahato
अगहन कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को उत्पन्ना एकादशी के
अगहन कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को उत्पन्ना एकादशी के
Shashi kala vyas
"सपनों में"
Dr. Kishan tandon kranti
प्रार्थना
प्रार्थना
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
"" *समय धारा* ""
सुनीलानंद महंत
*** अरमान....!!! ***
*** अरमान....!!! ***
VEDANTA PATEL
महकती रात सी है जिंदगी आंखों में निकली जाय।
महकती रात सी है जिंदगी आंखों में निकली जाय।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
*बेचारे वरिष्ठ नागरिक (हास्य व्यंग्य)*
*बेचारे वरिष्ठ नागरिक (हास्य व्यंग्य)*
Ravi Prakash
फ़ितरत
फ़ितरत
Priti chaudhary
हमेशा सच बोलने का इक तरीका यह भी है कि
हमेशा सच बोलने का इक तरीका यह भी है कि
Aarti sirsat
"साहित्यकार और पत्रकार दोनों समाज का आइना होते है हर परिस्थि
डॉ.एल. सी. जैदिया 'जैदि'
3210.*पूर्णिका*
3210.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मैं हमेशा के लिए भूल जाना चाहता हूँ कि
मैं हमेशा के लिए भूल जाना चाहता हूँ कि "कल क्या था।"
*Author प्रणय प्रभात*
एक ज्योति प्रेम की...
एक ज्योति प्रेम की...
Sushmita Singh
"इंसान की फितरत"
Yogendra Chaturwedi
विधवा
विधवा
Acharya Rama Nand Mandal
बुद्ध पूर्णिमा
बुद्ध पूर्णिमा
Dr.Pratibha Prakash
हिन्दी पर विचार
हिन्दी पर विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
निदा फाज़ली का एक शेर है
निदा फाज़ली का एक शेर है
Sonu sugandh
मनमीत मेरे तुम हो
मनमीत मेरे तुम हो
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
सपनों का सफर
सपनों का सफर
पूर्वार्थ
Colours of Life!
Colours of Life!
R. H. SRIDEVI
डिग्रीया तो बस तालीम के खर्चे की रसीदें है,
डिग्रीया तो बस तालीम के खर्चे की रसीदें है,
Vishal babu (vishu)
जिंदगी को बोझ मान
जिंदगी को बोझ मान
भरत कुमार सोलंकी
Loading...