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16 Feb 2021 · 1 min read

पत्र

प्रेमी प्रियतम नाम से, लिखा प्रणय का पत्र।
प्रिय वसंत का आगमन, काम उठाया शस्त्र।।१

भेज रहे प्रियवर तुझे, स्नेह निमंत्रण पत्र।
दर्शन जल्दी दीजिये, रहे नहीं अन्यत्र।। २

बिछड़ी हूँ मैं इस तरह, ज्यों डालीं से पात।
निर्झर नयनों से झरे, दर्द भरी बरसात।।३

आया बसंत डाकिया, लिए प्रणय का पत्र ।
बाँच रहा सुरभित पवन, बिखर दिए सर्वत्र।। ४

वृक्ष सुसज्जित शोभते,पहन हरित नव पत्र।।
फूलों ने कर धर लिए,कंटक रूपी शस्त्र। ।५
-लक्ष्मी सिंह
नई दिल्ली

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