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16 Jul 2023 · 1 min read

पानी बचाऍं (बाल कविता)

पानी बचाऍं (बाल कविता)
______________________
फिल्टर में फिंकता है पानी
घर – घर की है यही कहानी

चलो बाल्टी एक लगाऍं
पानी उसमें जमा कराऍं

बर्तन-फर्श उसी से धोऍं
पानी व्यर्थ कभी मत खोऍं
_______________________
रचयिताः रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा, रामपुर( उत्तर प्रदेश)
मोबाइल 99 97 61 5451

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