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29 Mar 2024 · 1 min read

पाती

पाती कोई जब लिखता है।
पृष्ठों पर प्रेम उतरता है।
सुधियों में खोया रहता मन,
श्वासों का बाग महकता है।।

✍️🌹डॉ .रागिनी शर्मा,इन्दौर

Language: Hindi
63 Views
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