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5 Feb 2024 · 1 min read

पाकर तुझको हम जिन्दगी का हर गम भुला बैठे है।

पाकर तुझको हम जिन्दगी का हर गम भुला बैठे है।
तेरी इबादत करके हम खुद को काफ़िर बना बैठे है।।

✍️✍️ ताज मोहम्मद ✍️✍️

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