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7 Jul 2023 · 1 min read

पग पग पे देने पड़ते

दुनिया में अकेला ही

आया हर एक इंसान

पग पग पे देने पड़ते

उसे बहुत से इम्तिहान

अपने पराए के फेर में

वह उलझा रहे दिन रात

तमाम मौकों पर खंडित

होते उसके अपने जज्बात

कोई भी देता नहीं समय से

चूके हुए व्यक्ति का साथ

अपने पराए सभी उकेर देते

जब तब विफलता की बात

समय से हारे व्यक्ति को दे

सकता सिर्फ ईश्वर संतोष

बेहतर यही है कि वो खोजे

परमात्मा शरण में परितोष

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