Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 Jan 2023 · 1 min read

न दिल किसी का दुखाना चाहिए

हर वक्त मुस्कुराना चाहिए
न दिल किसी का दुखाना चाहिए

जिंदगी का सफर आसान कहां
खुशी देने वाला सामान कहां
मंजिल के पिछे सुबह शाम कहां
चलते जाना है आराम कहां

मुश्किलों में न घबराना चाहिए
न दिल किसी का दुखाना चाहिए

कोई मतलब का रोटी सेंक रहा
कोई चढ़ा- बढ़ा कर फेंक रहा
कोई सीधे -साधे को लपेट रहा
कोई हराम का समेट रहा

कुछ तो मालिक से शर्माना चाहिए
न दिल किसी का दुखाना चाहिए

नूर फातिमा खातून नूरी
जिला -कुशीनगर

Language: Hindi
88 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from नूरफातिमा खातून नूरी
View all
You may also like:
कल पर कोई काम न टालें
कल पर कोई काम न टालें
महेश चन्द्र त्रिपाठी
चुप्पी और गुस्से का वर्णभेद / MUSAFIR BAITHA
चुप्पी और गुस्से का वर्णभेद / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
आदरणीय क्या आप ?
आदरणीय क्या आप ?
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
इससे ज़्यादा
इससे ज़्यादा
Dr fauzia Naseem shad
अजनबी
अजनबी
Shyam Sundar Subramanian
रमेशराज के त्योहार एवं अवसरविशेष के बालगीत
रमेशराज के त्योहार एवं अवसरविशेष के बालगीत
कवि रमेशराज
लक्ष्य
लक्ष्य
लक्ष्मी सिंह
पितृ दिवस134
पितृ दिवस134
Dr Archana Gupta
देव प्रबोधिनी एकादशी
देव प्रबोधिनी एकादशी
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
दूसरों को देते हैं ज्ञान
दूसरों को देते हैं ज्ञान
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
कैसे अम्बर तक जाओगे
कैसे अम्बर तक जाओगे
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
मैं ज़िंदगी के सफर मे बंजारा हो गया हूँ
मैं ज़िंदगी के सफर मे बंजारा हो गया हूँ
Bhupendra Rawat
ग़ज़ल
ग़ज़ल
आर.एस. 'प्रीतम'
!! राम जीवित रहे !!
!! राम जीवित रहे !!
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
आग लगाते लोग
आग लगाते लोग
DR. Kaushal Kishor Shrivastava
“गुरुनानक जयंती 08 नवम्बर 2022 पर विशेष” : आदर एवं श्रद्धा के प्रतीक -गुरुनानक देव
“गुरुनानक जयंती 08 नवम्बर 2022 पर विशेष” : आदर एवं श्रद्धा के प्रतीक -गुरुनानक देव
सत्य भूषण शर्मा
बुद्ध या विनाश
बुद्ध या विनाश
Shekhar Chandra Mitra
शुक्रिया जिंदगी!
शुक्रिया जिंदगी!
Madhavi Srivastava
आंखें मूंदे हैं
आंखें मूंदे हैं
Er. Sanjay Shrivastava
■ 100% तौहीन...
■ 100% तौहीन...
*Author प्रणय प्रभात*
आपत्तियाँ फिर लग गयीं (हास्य-व्यंग्य )
आपत्तियाँ फिर लग गयीं (हास्य-व्यंग्य )
Ravi Prakash
दिल की दहलीज पर कदमों के निशा आज भी है
दिल की दहलीज पर कदमों के निशा आज भी है
कवि दीपक बवेजा
कुदरत से मिलन , अद्धभुत मिलन।
कुदरत से मिलन , अद्धभुत मिलन।
Kuldeep mishra (KD)
चलो दो हाथ एक कर ले
चलो दो हाथ एक कर ले
Sûrëkhâ Rãthí
कैसे भुला पायेंगे
कैसे भुला पायेंगे
Surinder blackpen
💐बस एक नज़र की ही तो बात है💐
💐बस एक नज़र की ही तो बात है💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
भोर की खामोशियां कुछ कह रही है।
भोर की खामोशियां कुछ कह रही है।
surenderpal vaidya
"बेताबियाँ"
Dr. Kishan tandon kranti
मेरी तू  रूह  में  बसती  है
मेरी तू रूह में बसती है
डॉ. दीपक मेवाती
है नारी तुम महान , त्याग की तुम मूरत
है नारी तुम महान , त्याग की तुम मूरत
श्याम सिंह बिष्ट
Loading...