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27 Feb 2023 · 1 min read

नीति अनैतिकता को देखा तो,

नीति अनैतिकता को देखा तो,
तुझे जगाने आया हूंँ।
सुनी कहानी दादा दादी से,
स्मृति सजाने आया हूँ।
पण्डित जी के चरण कमलों में,
शीश झुकाने आया हूँ।
आजाद पार्क के मिट्टी का,
मैं तिलक लगाने आया हूँ।

1 Like · 346 Views
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