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18 Apr 2024 · 1 min read

नहीं रखा अंदर कुछ भी दबा सा छुपा सा

नहीं रखा अंदर कुछ भी दबा सा छुपा सा
सच कहा जो भी लगा भला सा बुरा सा
जो झूठ बोल लेती तो अच्छा होता
बुरा बना गया मुझे ये मन मेरा बच्चा सा

रेखांकन।रेखा

1 Like · 40 Views
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