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6 Aug 2016 · 1 min read

नशा……………२

नशा……………२

नशा शराब का हो तो दिमाग के पट खोलता है
दिल मे दबे राजो को बडी आसानी से खोलता है
जुटा नही सकता जो हिमम्त दो लफ़्ज कहने की
वो बुजदिल भी फिर बडी बेबाकी से बोलता है ।।



डी. के. निवातियॉ_______@

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
4 Comments · 382 Views
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