Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Nov 2023 · 1 min read

नव दीप जला लो

नव दीप जला लो
आ गई है दीवाली की बेला आ गई है दीवाली की बेला,
दीपज्योति की रोशनी में हर्षोल्लास खुशियों का लगेगा रेला,
नव दीप जला लो……
निराशा उदासी और अंधकार का हो जाएगा खात्मा,
प्रफुल्लित होगा मन पुलकित हो जाएंगी हर आत्मा,
नव दीप जला लो……
इस बेला में लोग हर्ष उल्लास के नव दीप जलाएंगे,
दीवाली के इन पांच दिनों में जीवन की खुशी पाएंगे,
नव दीप जला लो……
धन तेरस में धनवंतरी पूजा नरक चौदस में कृष्ण की पूजा,
तीसरे दिन में धन सम्पत्ति और लक्ष्मी देवी की पूजा,
नव दीप जला लो……
चौथे दिन गोवर्धन पूजा में गौ गोवर्धन को पूजेंगे,
भाई बहन का प्यार जगेगा पांचवें दिन भाई दूज मानेंगे,
नव दीप जला लो……
दीवाली त्यौहार है खुशियों का मन में उमड़ती उमंगों का,
भर देती जनमानस को खुशियों की हिलोर तरंगों का,
नव दीप जला लो……
©✍️ मुकेश कुमार सोनकर, रायपुर छत्तीसगढ़

1 Like · 178 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
■ जाने कहाँ गए वो दिन!!
■ जाने कहाँ गए वो दिन!!
*Author प्रणय प्रभात*
बेशर्मी के हौसले
बेशर्मी के हौसले
RAMESH SHARMA
वक्त-वक्त की बात है
वक्त-वक्त की बात है
Pratibha Pandey
क्रेडिट कार्ड
क्रेडिट कार्ड
Sandeep Pande
बचपन,
बचपन, "बूढ़ा " हो गया था,
Nitesh Kumar Srivastava
भीड़ ने भीड़ से पूछा कि यह भीड़ क्यों लगी है? तो भीड़ ने भीड
भीड़ ने भीड़ से पूछा कि यह भीड़ क्यों लगी है? तो भीड़ ने भीड
जय लगन कुमार हैप्पी
कीमत बढ़ानी है
कीमत बढ़ानी है
Roopali Sharma
लागो ना नज़र तहके
लागो ना नज़र तहके
Shekhar Chandra Mitra
खुशी -उदासी
खुशी -उदासी
SATPAL CHAUHAN
हाय वो बचपन कहाँ खो गया
हाय वो बचपन कहाँ खो गया
VINOD CHAUHAN
रिश्ते
रिश्ते
पूर्वार्थ
वो इक नदी सी
वो इक नदी सी
Kavita Chouhan
सुरमाई अंखियाँ नशा बढ़ाए
सुरमाई अंखियाँ नशा बढ़ाए
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
जाने किस कातिल की नज़र में हूँ
जाने किस कातिल की नज़र में हूँ
Ravi Ghayal
दर्शन की ललक
दर्शन की ललक
Neelam Sharma
कविता
कविता
Rambali Mishra
मैं तुम और हम
मैं तुम और हम
Ashwani Kumar Jaiswal
॥ जीवन यात्रा मे आप किस गति से चल रहे है इसका अपना  महत्व  ह
॥ जीवन यात्रा मे आप किस गति से चल रहे है इसका अपना महत्व ह
Satya Prakash Sharma
ये पांच बातें
ये पांच बातें
Yash mehra
हे कृतघ्न मानव!
हे कृतघ्न मानव!
Vishnu Prasad 'panchotiya'
"हालात"
Dr. Kishan tandon kranti
साहित्य - संसार
साहित्य - संसार
Shivkumar Bilagrami
लोकतंत्र में शक्ति
लोकतंत्र में शक्ति
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
आँखें शिकायत करती हैं गमों मे इस्तेमाल हमारा ही क्यों करते ह
आँखें शिकायत करती हैं गमों मे इस्तेमाल हमारा ही क्यों करते ह
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
हम ही हैं पहचान हमारी जाति हैं लोधी.
हम ही हैं पहचान हमारी जाति हैं लोधी.
Shyamsingh Lodhi (Tejpuriya)
उदास आँखों से जिस का रस्ता मैं एक मुद्दत से तक रहा था
उदास आँखों से जिस का रस्ता मैं एक मुद्दत से तक रहा था
Aadarsh Dubey
তুমি সমুদ্রের তীর
তুমি সমুদ্রের তীর
Sakhawat Jisan
आँखों से नींदे
आँखों से नींदे
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
कुंठाओं के दलदल में,
कुंठाओं के दलदल में,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
शब्दों में प्रेम को बांधे भी तो कैसे,
शब्दों में प्रेम को बांधे भी तो कैसे,
Manisha Manjari
Loading...