Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Feb 2023 · 1 min read

नया सबेरा

यह अमावस की
काली रात है!
यहीं से पूनम की
शुरुआत है!!
दुनिया का हर
रोशन दिल शख़्स!
इस जंग में
तुम्हारे साथ है!!
#women #life #freedom
#justice #EqualityForAll
#right #Patriarchy #girls
#Feminists #औरत #नारीवाद
#स्त्रीविमर्श #समानता #बराबरी
#अधिकार #न्याय #इंसाफ #हक

Language: Hindi
213 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
ज़ख्म पर ज़ख्म अनगिनत दे गया
ज़ख्म पर ज़ख्म अनगिनत दे गया
Ramji Tiwari
मेरी हथेली पर, तुम्हारी उंगलियों के दस्तख़त
मेरी हथेली पर, तुम्हारी उंगलियों के दस्तख़त
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
प्रेम
प्रेम
बिमल तिवारी “आत्मबोध”
रिश्ते
रिश्ते
Ashwani Kumar Jaiswal
हुआ है अच्छा ही, उनके लिए तो
हुआ है अच्छा ही, उनके लिए तो
gurudeenverma198
नमामि राम की नगरी, नमामि राम की महिमा।
नमामि राम की नगरी, नमामि राम की महिमा।
डॉ.सीमा अग्रवाल
चला मुरारी हीरो बनने ....
चला मुरारी हीरो बनने ....
Abasaheb Sarjerao Mhaske
गीता ज्ञान
गीता ज्ञान
Dr.Priya Soni Khare
क्या रखा है???
क्या रखा है???
Sûrëkhâ
मेरी कलम से…
मेरी कलम से…
Anand Kumar
समृद्धि
समृद्धि
Paras Nath Jha
****भाई दूज****
****भाई दूज****
Kavita Chouhan
तू ही बता, करूं मैं क्या
तू ही बता, करूं मैं क्या
Aditya Prakash
"औरत ही रहने दो"
Dr. Kishan tandon kranti
लगाकर मुखौटा चेहरा खुद का छुपाए बैठे हैं
लगाकर मुखौटा चेहरा खुद का छुपाए बैठे हैं
Gouri tiwari
रससिद्धान्त मूलतः अर्थसिद्धान्त पर आधारित
रससिद्धान्त मूलतः अर्थसिद्धान्त पर आधारित
कवि रमेशराज
बात जो दिल में है
बात जो दिल में है
Shivkumar Bilagrami
अपूर्ण नींद और किसी भी मादक वस्तु का नशा दोनों ही शरीर को अन
अपूर्ण नींद और किसी भी मादक वस्तु का नशा दोनों ही शरीर को अन
Rj Anand Prajapati
किस दौड़ का हिस्सा बनाना चाहते हो।
किस दौड़ का हिस्सा बनाना चाहते हो।
Sanjay ' शून्य'
"आतिशे-इश्क़" ग़ज़ल
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
शहीदों के लिए (कविता)
शहीदों के लिए (कविता)
गुमनाम 'बाबा'
संवेदनायें
संवेदनायें
Dr.Pratibha Prakash
धरती का बस एक कोना दे दो
धरती का बस एक कोना दे दो
Rani Singh
2457.पूर्णिका
2457.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
जाने क्यों तुमसे मिलकर भी
जाने क्यों तुमसे मिलकर भी
Sunil Suman
असफलता का घोर अन्धकार,
असफलता का घोर अन्धकार,
Yogi Yogendra Sharma : Motivational Speaker
■ स्वचलित नहीं, रोबोट पर निर्भर रोबोट।
■ स्वचलित नहीं, रोबोट पर निर्भर रोबोट।
*प्रणय प्रभात*
बचपन -- फिर से ???
बचपन -- फिर से ???
Manju Singh
इश्क़ भी इक नया आशियाना ढूंढती है,
इश्क़ भी इक नया आशियाना ढूंढती है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
बेटी
बेटी
Neeraj Agarwal
Loading...