Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Sep 2022 · 1 min read

नभ में था वो एक सितारा

नभ में था वो एक सितारा

लगता था हम सबको प्यारा

चमचमाके सबको हँसाता

सामने वो जब भी आता

ऊर्जा नई सबको दे जाता

दुःख दर्द अपना भूल जाते

संताप सबके यूँ मिट जाते

गहरी काली निशा आई

वो सितारा फिर कहीं खो गया

सिलसिला ठहाकों का थम गया

उठो ‘ राजू ‘ जग को हँसाओ

‘ गजोधर भैया ‘ खिलखिलाओ

मातम ये गहरा छाया है

हर दिल दुःख में दिखलाया है

अजब दुःख ये तुम दिला गए

राजू तुम सबको रुला गए

जहां में अमर हो जाओगे

सबके दिल में जगह बनाओगे

फिर नई दुनिया में जाना

हँसना व सबको हँसाना

265 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
कड़वाहट के मूल में,
कड़वाहट के मूल में,
sushil sarna
पुस्तक समीक्षा- धूप के कतरे (ग़ज़ल संग्रह डॉ घनश्याम परिश्रमी नेपाल)
पुस्तक समीक्षा- धूप के कतरे (ग़ज़ल संग्रह डॉ घनश्याम परिश्रमी नेपाल)
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
हमको बच्चा रहने दो।
हमको बच्चा रहने दो।
Manju Singh
आज के रिश्ते
आज के रिश्ते
पूर्वार्थ
गुरु ही वर्ण गुरु ही संवाद ?🙏🙏
गुरु ही वर्ण गुरु ही संवाद ?🙏🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
सुप्रभातं
सुप्रभातं
Dr Archana Gupta
मेरी जान बस रही तेरे गाल के तिल में
मेरी जान बस रही तेरे गाल के तिल में
Devesh Bharadwaj
अंधेरों रात और चांद का दीदार
अंधेरों रात और चांद का दीदार
Charu Mitra
*योग (बाल कविता)*
*योग (बाल कविता)*
Ravi Prakash
आंखों में भरी यादें है
आंखों में भरी यादें है
Rekha khichi
दोस्ती....
दोस्ती....
Harminder Kaur
फ़ितरत-ए-धूर्त
फ़ितरत-ए-धूर्त
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
💐प्रेम कौतुक-510💐
💐प्रेम कौतुक-510💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
महिलाएं जितना तेजी से रो सकती है उतना ही तेजी से अपने भावनाओ
महिलाएं जितना तेजी से रो सकती है उतना ही तेजी से अपने भावनाओ
Rj Anand Prajapati
#संवाद (#नेपाली_लघुकथा)
#संवाद (#नेपाली_लघुकथा)
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
!! हे लोकतंत्र !!
!! हे लोकतंत्र !!
Akash Yadav
एक दिन का बचपन
एक दिन का बचपन
Kanchan Khanna
फिर बैठ गया हूं, सांझ के साथ
फिर बैठ गया हूं, सांझ के साथ
Smriti Singh
****** घूमते घुमंतू गाड़ी लुहार ******
****** घूमते घुमंतू गाड़ी लुहार ******
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
■ सुबह-सुबह का ज्ञान।।
■ सुबह-सुबह का ज्ञान।।
*Author प्रणय प्रभात*
2447.पूर्णिका
2447.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
एक ख्वाब
एक ख्वाब
Ravi Maurya
मै ठंठन गोपाल
मै ठंठन गोपाल
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
राम आए हैं भाई रे
राम आए हैं भाई रे
Harinarayan Tanha
' मौन इक सँवाद '
' मौन इक सँवाद '
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
अनजान लड़का
अनजान लड़का
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
गोविंदा श्याम गोपाला
गोविंदा श्याम गोपाला
Bodhisatva kastooriya
खुशी -उदासी
खुशी -उदासी
SATPAL CHAUHAN
STAY SINGLE
STAY SINGLE
Saransh Singh 'Priyam'
The Magical Darkness
The Magical Darkness
Manisha Manjari
Loading...