Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Jun 2016 · 1 min read

नजरें करती हैं साज़िश सताने की मुझको,

नजरें करती हैं साज़िश सताने की मुझको,
ये ना जानें मेरा हाल कैसा रहता है!

पलकें झुकतीं हैं मिलतीं हैं तुझसे ही यूँ तो,
उठके तुझको ना पाके तमाशा कैसा रहता है!

Language: Hindi
Tag: शेर
330 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Yashvardhan Goel
View all
You may also like:
लीकछोड़ ग़ज़ल / MUSAFIR BAITHA
लीकछोड़ ग़ज़ल / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
मेरी दुनिया उजाड़ कर मुझसे वो दूर जाने लगा
मेरी दुनिया उजाड़ कर मुझसे वो दूर जाने लगा
कृष्णकांत गुर्जर
मै जो कुछ हु वही कुछ हु।
मै जो कुछ हु वही कुछ हु।
पूर्वार्थ
Jis waqt dono waqt mile
Jis waqt dono waqt mile
shabina. Naaz
कल्पनाओं की कलम उठे तो, कहानियां स्वयं को रचवातीं हैं।
कल्पनाओं की कलम उठे तो, कहानियां स्वयं को रचवातीं हैं।
Manisha Manjari
प्रेम और पुष्प, होता है सो होता है, जिस तरह पुष्प को जहां भी
प्रेम और पुष्प, होता है सो होता है, जिस तरह पुष्प को जहां भी
Sanjay ' शून्य'
यकीन नहीं होता
यकीन नहीं होता
Dr. Rajeev Jain
💐अज्ञात के प्रति-133💐
💐अज्ञात के प्रति-133💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
गजल
गजल
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
गांव में छुट्टियां
गांव में छुट्टियां
Manu Vashistha
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मेरे पास नींद का फूल🌺,
मेरे पास नींद का फूल🌺,
Jitendra kumar
दो पल देख लूं जी भर
दो पल देख लूं जी भर
आर एस आघात
स्वयं का न उपहास करो तुम , स्वाभिमान की राह वरो तुम
स्वयं का न उपहास करो तुम , स्वाभिमान की राह वरो तुम
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
হাজার বছরের আঁধার
হাজার বছরের আঁধার
Sakhawat Jisan
Pata to sabhi batate h , rasto ka,
Pata to sabhi batate h , rasto ka,
Sakshi Tripathi
मछली रानी
मछली रानी
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
आँखों से भी मतांतर का एहसास होता है , पास रहकर भी विभेदों का
आँखों से भी मतांतर का एहसास होता है , पास रहकर भी विभेदों का
DrLakshman Jha Parimal
भले नफ़रत हो पर हम प्यार का मौसम समझते हैं.
भले नफ़रत हो पर हम प्यार का मौसम समझते हैं.
Slok maurya "umang"
*टुकड़े-टुकड़े गैंग 【मुक्तक】*
*टुकड़े-टुकड़े गैंग 【मुक्तक】*
Ravi Prakash
शीत की शब में .....
शीत की शब में .....
sushil sarna
फूल मोंगरा
फूल मोंगरा
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
भगवान महाबीर
भगवान महाबीर
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
संत सनातनी बनना है तो
संत सनातनी बनना है तो
Satyaveer vaishnav
■ तंत्र का षड्यंत्र : भय फैलाना और लाभ उठाना।
■ तंत्र का षड्यंत्र : भय फैलाना और लाभ उठाना।
*Author प्रणय प्रभात*
मेहनत करने की क्षमता के साथ आदमी में अगर धैर्य और विवेक भी ह
मेहनत करने की क्षमता के साथ आदमी में अगर धैर्य और विवेक भी ह
Paras Nath Jha
23/28.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/28.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
राखी (कुण्डलिया)
राखी (कुण्डलिया)
नाथ सोनांचली
यह रंगीन मतलबी दुनियां
यह रंगीन मतलबी दुनियां
कार्तिक नितिन शर्मा
अपने किरदार में
अपने किरदार में
Dr fauzia Naseem shad
Loading...