Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Mar 2024 · 1 min read

धूप निकले तो मुसाफिर को छांव की जरूरत होती है

धूप निकले तो मुसाफिर को छांव की जरूरत होती है
मंजिल को पाने निकले तो राहों की जरूरत होती है

शहरों में हमने संस्कारों के बीज पनपते नहीं देखे,
बच्चे जब मर्यादा लांगे तो गांव की जरूरत होती है

☑️✍️Deepak saral

61 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
#लघुकथा
#लघुकथा
*प्रणय प्रभात*
My Guardian Angel!
My Guardian Angel!
R. H. SRIDEVI
जीवन को पैगाम समझना पड़ता है
जीवन को पैगाम समझना पड़ता है
कवि दीपक बवेजा
ऐसे ना मुझे  छोड़ना
ऐसे ना मुझे छोड़ना
Umender kumar
आस्था
आस्था
Neeraj Agarwal
जाने वाले बस कदमों के निशाँ छोड़ जाते हैं
जाने वाले बस कदमों के निशाँ छोड़ जाते हैं
VINOD CHAUHAN
आज़ाद हूं मैं
आज़ाद हूं मैं
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
मूँछ पर दोहे (मूँछ-मुच्छड़ पुराण दोहावली )
मूँछ पर दोहे (मूँछ-मुच्छड़ पुराण दोहावली )
Subhash Singhai
बदले की चाह और इतिहास की आह बहुत ही खतरनाक होती है। यह दोनों
बदले की चाह और इतिहास की आह बहुत ही खतरनाक होती है। यह दोनों
मिथलेश सिंह"मिलिंद"
जहर मिटा लो दर्शन कर के नागेश्वर भगवान के।
जहर मिटा लो दर्शन कर के नागेश्वर भगवान के।
सत्य कुमार प्रेमी
क्या हुआ जो मेरे दोस्त अब थकने लगे है
क्या हुआ जो मेरे दोस्त अब थकने लगे है
Sandeep Pande
रोटियों से भी लड़ी गयी आज़ादी की जंग
रोटियों से भी लड़ी गयी आज़ादी की जंग
कवि रमेशराज
नेता जब से बोलने लगे सच
नेता जब से बोलने लगे सच
Dhirendra Singh
"बल"
Dr. Kishan tandon kranti
छठ परब।
छठ परब।
Acharya Rama Nand Mandal
🇭🇺 झाँसी की वीरांगना
🇭🇺 झाँसी की वीरांगना
Pt. Brajesh Kumar Nayak
यारों की महफ़िल सजे ज़माना हो गया,
यारों की महफ़िल सजे ज़माना हो गया,
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
बसंत बहार
बसंत बहार
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
कैसे कहें घनघोर तम है
कैसे कहें घनघोर तम है
Suryakant Dwivedi
कविता 10 🌸माँ की छवि 🌸
कविता 10 🌸माँ की छवि 🌸
Mahima shukla
आप वक्त को थोड़ा वक्त दीजिए वह आपका वक्त बदल देगा ।।
आप वक्त को थोड़ा वक्त दीजिए वह आपका वक्त बदल देगा ।।
Lokesh Sharma
🏞️प्रकृति 🏞️
🏞️प्रकृति 🏞️
Vandna thakur
माता सति की विवशता
माता सति की विवशता
SHAILESH MOHAN
दोहे-बच्चे
दोहे-बच्चे
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
अनुभूति
अनुभूति
Pratibha Pandey
2578.पूर्णिका
2578.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
सकारात्मक सोच
सकारात्मक सोच
Neelam Sharma
विश्व पटल से सदा सभी को एक दिवस
विश्व पटल से सदा सभी को एक दिवस
Ravi Prakash
हाथों में डिग्री आँखों में निराशा,
हाथों में डिग्री आँखों में निराशा,
शेखर सिंह
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...