Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
19 Jul 2023 · 1 min read

धड़कूँगा फिर तो पत्थर में भी शायद

धड़कूँगा फिर तो पत्थर में भी शायद
हूँ ख़्याल मुझे आकार दे कोई दिल-सा
महावीर उत्तरांचली

1 Like · 199 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
View all
You may also like:
ऑनलाइन फ्रेंडशिप
ऑनलाइन फ्रेंडशिप
Dr. Pradeep Kumar Sharma
अजी क्षमा हम तो अत्याधुनिक हो गये है
अजी क्षमा हम तो अत्याधुनिक हो गये है
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
Mystical Love
Mystical Love
Sidhartha Mishra
पहला खत
पहला खत
Mamta Rani
बंधन में रहेंगे तो संवर जायेंगे
बंधन में रहेंगे तो संवर जायेंगे
Dheerja Sharma
" अंधेरी रातें "
Yogendra Chaturwedi
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
निराकार परब्रह्म
निराकार परब्रह्म
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
ख़ुश रहना है
ख़ुश रहना है
Monika Arora
दस लक्षण पर्व
दस लक्षण पर्व
Seema gupta,Alwar
दिल का आलम
दिल का आलम
Surinder blackpen
तेरी याद
तेरी याद
Shyam Sundar Subramanian
इश्क पहली दफा
इश्क पहली दफा
साहित्य गौरव
नियोजित शिक्षक का भविष्य
नियोजित शिक्षक का भविष्य
साहिल
कातिल
कातिल
Dr. Kishan tandon kranti
// माँ की ममता //
// माँ की ममता //
Shivkumar barman
■ सब व्हाट्सअप यूँनीवर्सिटी और इंस्टाग्राम विश्वविद्यालय से
■ सब व्हाट्सअप यूँनीवर्सिटी और इंस्टाग्राम विश्वविद्यालय से
*प्रणय प्रभात*
तुम्हे तो अभी घर का रिवाज भी तो निभाना है
तुम्हे तो अभी घर का रिवाज भी तो निभाना है
शेखर सिंह
23/182.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/182.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
डा. तेज सिंह : हिंदी दलित साहित्यालोचना के एक प्रमुख स्तंभ का स्मरण / MUSAFIR BAITHA
डा. तेज सिंह : हिंदी दलित साहित्यालोचना के एक प्रमुख स्तंभ का स्मरण / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
रमेशराज के 'नव कुंडलिया 'राज' छंद' में 7 बालगीत
रमेशराज के 'नव कुंडलिया 'राज' छंद' में 7 बालगीत
कवि रमेशराज
तुम्हें तो फुर्सत मिलती ही नहीं है,
तुम्हें तो फुर्सत मिलती ही नहीं है,
Dr. Man Mohan Krishna
सत्य की खोज, कविता
सत्य की खोज, कविता
Mohan Pandey
"हास्य व्यंग्य"
Radhakishan R. Mundhra
स्वप्न ....
स्वप्न ....
sushil sarna
जितना सच्चा प्रेम है,
जितना सच्चा प्रेम है,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
तुम जो हमको छोड़ चले,
तुम जो हमको छोड़ चले,
कृष्णकांत गुर्जर
बस यूँ ही...
बस यूँ ही...
Neelam Sharma
गति साँसों की धीमी हुई, पर इंतज़ार की आस ना जाती है।
गति साँसों की धीमी हुई, पर इंतज़ार की आस ना जाती है।
Manisha Manjari
चाय (Tea)
चाय (Tea)
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
Loading...