Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Oct 2023 · 1 min read

दो कदम लक्ष्य की ओर लेकर चलें।

दो कदम लक्ष्य की ओर लेकर चलें।
आंधियां आ रही नाव खेकर चलें।
ठान लो बस हमें अब न रुकना कहीं।
वक्त को मात बस आज देकर चलें।
~~~~~~~~~~~~~~~
-सुरेन्द्रपाल वैद्य, १४/१०/२०२३

2 Likes · 1 Comment · 130 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from surenderpal vaidya
View all
You may also like:
राम आए हैं भाई रे
राम आए हैं भाई रे
Harinarayan Tanha
घर एक मंदिर🌷🙏
घर एक मंदिर🌷🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
शायद ये सांसे सिसक रही है
शायद ये सांसे सिसक रही है
Ram Krishan Rastogi
मै ज़ब 2017 मे फेसबुक पर आया आया था
मै ज़ब 2017 मे फेसबुक पर आया आया था
शेखर सिंह
आश किरण
आश किरण
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
इन रावणों को कौन मारेगा?
इन रावणों को कौन मारेगा?
कवि रमेशराज
बढ़ रही नारी निरंतर
बढ़ रही नारी निरंतर
surenderpal vaidya
काश असल पहचान सबको अपनी मालूम होती,
काश असल पहचान सबको अपनी मालूम होती,
manjula chauhan
कुतूहल आणि जिज्ञासा
कुतूहल आणि जिज्ञासा
Shyam Sundar Subramanian
#लघुकथा-
#लघुकथा-
*Author प्रणय प्रभात*
"सफलता"
Dr. Kishan tandon kranti
फसल , फासला और फैसला तभी सफल है अगर इसमें मेहनत हो।।
फसल , फासला और फैसला तभी सफल है अगर इसमें मेहनत हो।।
डॉ० रोहित कौशिक
साहित्य में प्रेम–अंकन के कुछ दलित प्रसंग / MUSAFIR BAITHA
साहित्य में प्रेम–अंकन के कुछ दलित प्रसंग / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
महायज्ञ।
महायज्ञ।
Acharya Rama Nand Mandal
चूड़ी पायल बिंदिया काजल गजरा सब रहने दो
चूड़ी पायल बिंदिया काजल गजरा सब रहने दो
Vishal babu (vishu)
नशा
नशा
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
Hello Sun!
Hello Sun!
Buddha Prakash
#justareminderekabodhbalak
#justareminderekabodhbalak
DR ARUN KUMAR SHASTRI
सीखने की भूख
सीखने की भूख
डॉ. अनिल 'अज्ञात'
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
*मुंडी लिपि : बहीखातों की प्राचीन लिपि*
*मुंडी लिपि : बहीखातों की प्राचीन लिपि*
Ravi Prakash
गिराता और को हँसकर गिरेगा वो यहाँ रोकर
गिराता और को हँसकर गिरेगा वो यहाँ रोकर
आर.एस. 'प्रीतम'
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
सच्ची दोस्ती -
सच्ची दोस्ती -
Raju Gajbhiye
"तुम्हारी हंसी" (Your Smile)
Sidhartha Mishra
मैं तो महज एक माँ हूँ
मैं तो महज एक माँ हूँ
VINOD CHAUHAN
2444.पूर्णिका
2444.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
*
*"आज फिर जरूरत है तेरी"*
Shashi kala vyas
ख़्याल रखें
ख़्याल रखें
Dr fauzia Naseem shad
बाल कविता : काले बादल
बाल कविता : काले बादल
Rajesh Kumar Arjun
Loading...