Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Apr 2023 · 1 min read

दोहे-*

दोहे-*
एक संक्रमण ने हमें,बना दिया है दीन।
नर-नारी सब हो रहे ,चिरनिद्रा में लीन।।1
कैद रहेंगे गेह में,जब बन सभी प्रबुद्ध।
जीतेंगे केवल तभी ,कोरोना से युद्ध।।2
दूरी रखना देह से, जाना नहीं करीब।
ध्यान रहे सोए नहीं,भूखा कहीं गरीब।।3
कुशल-क्षेम की चाह तो,करो वास एकांत।
निकट न आए रुग्णता ,और न हो देहांत।।4
डाॅ बिपिन पाण्डेय

1 Like · 472 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
तेवरी
तेवरी
कवि रमेशराज
🙏 गुरु चरणों की धूल🙏
🙏 गुरु चरणों की धूल🙏
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
जून की कड़ी दुपहरी
जून की कड़ी दुपहरी
Awadhesh Singh
*वो मेरी जान, मुझे बहुत याद आती है(जेल से)*
*वो मेरी जान, मुझे बहुत याद आती है(जेल से)*
Dushyant Kumar
मैं अपना सबकुछ खोकर,
मैं अपना सबकुछ खोकर,
लक्ष्मी सिंह
जिंदगी
जिंदगी
Neeraj Agarwal
ना ढूंढ मोहब्बत बाजारो मे,
ना ढूंढ मोहब्बत बाजारो मे,
शेखर सिंह
मंटू और चिड़ियाँ
मंटू और चिड़ियाँ
SHAMA PARVEEN
*हे शिव शंकर त्रिपुरारी,हर जगह तुम ही तुम हो*
*हे शिव शंकर त्रिपुरारी,हर जगह तुम ही तुम हो*
sudhir kumar
नन्ही परी चिया
नन्ही परी चिया
Dr Archana Gupta
राष्ट्रीय किसान दिवस : भारतीय किसान
राष्ट्रीय किसान दिवस : भारतीय किसान
Satish Srijan
*** बिंदु और परिधि....!!! ***
*** बिंदु और परिधि....!!! ***
VEDANTA PATEL
वो छोड़ गया था जो
वो छोड़ गया था जो
Shweta Soni
तुम मेरी
तुम मेरी
Dr fauzia Naseem shad
लिखें और लोगों से जुड़ना सीखें
लिखें और लोगों से जुड़ना सीखें
DrLakshman Jha Parimal
2586.पूर्णिका
2586.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
फितरत
फितरत
Bodhisatva kastooriya
रिमझिम बरसो
रिमझिम बरसो
surenderpal vaidya
याद
याद
Kanchan Khanna
बिटिया  घर  की  ससुराल  चली, मन  में सब संशय पाल रहे।
बिटिया घर की ससुराल चली, मन में सब संशय पाल रहे।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
#मुक्तक-
#मुक्तक-
*प्रणय प्रभात*
"पहरा"
Dr. Kishan tandon kranti
स्त्री-देह का उत्सव / MUSAFIR BAITHA
स्त्री-देह का उत्सव / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
अष्टम कन्या पूजन करें,
अष्टम कन्या पूजन करें,
Neelam Sharma
क्या हुआ जो मेरे दोस्त अब थकने लगे है
क्या हुआ जो मेरे दोस्त अब थकने लगे है
Sandeep Pande
कभी सोचा हमने !
कभी सोचा हमने !
Dr. Upasana Pandey
संसद उद्घाटन
संसद उद्घाटन
Sanjay ' शून्य'
लग जाए गले से गले
लग जाए गले से गले
Ankita Patel
*सूरत चाहे जैसी भी हो, पर मुस्काऍं होली में 【 हिंदी गजल/ गीत
*सूरत चाहे जैसी भी हो, पर मुस्काऍं होली में 【 हिंदी गजल/ गीत
Ravi Prakash
दानवीरता की मिशाल : नगरमाता बिन्नीबाई सोनकर
दानवीरता की मिशाल : नगरमाता बिन्नीबाई सोनकर
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Loading...