Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Jun 2016 · 1 min read

दोहे

शब्द शब्द मुखरित हुआ, छंद छंद नव गीत,
मन वीणा बजने लगी, कुसुमित होती प्रीत।

गीत नही ये साजना,प्रणय भाव निष्काम,
जीवन के हर पृष्ठ पर, प्रीतम तेरा नाम।

रात फलक पर लिख दिया, तारों ने मधु गीत,
शब् को लेकर बाँह में, चाँद सहेजे प्रीत।

गीत गीत में प्रीत है, शब्द शब्द में प्यार,
नाम पिया के कर दिया, भाव भरा संसार।

मन्दिर में मनमीत है, मन की सूनी भीत,
प्रणय सुधा रस धार बिन,सज न सकेंगें गीत।

साँवरिया सरकार को, बना लिया है मीत,
श्वांस श्वांस है बांसुरी, धड़कन धड़कन गीत।

दीपशिखा सागर –

Language: Hindi
1 Comment · 566 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
जो सच में प्रेम करते हैं,
जो सच में प्रेम करते हैं,
Dr. Man Mohan Krishna
मैं एक खिलौना हूं...
मैं एक खिलौना हूं...
Naushaba Suriya
बन्द‌ है दरवाजा सपने बाहर खड़े हैं
बन्द‌ है दरवाजा सपने बाहर खड़े हैं
Upasana Upadhyay
इशारों इशारों में ही, मेरा दिल चुरा लेते हो
इशारों इशारों में ही, मेरा दिल चुरा लेते हो
Ram Krishan Rastogi
कैसी ये पीर है
कैसी ये पीर है
Dr fauzia Naseem shad
असुर सम्राट भक्त प्रह्लाद – भातृ वध – 05
असुर सम्राट भक्त प्रह्लाद – भातृ वध – 05
Kirti Aphale
एक ग़ज़ल यह भी
एक ग़ज़ल यह भी
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
अश्रु की भाषा
अश्रु की भाषा
Shyam Sundar Subramanian
उसने कहा....!!
उसने कहा....!!
Kanchan Khanna
16)”अनेक रूप माँ स्वरूप”
16)”अनेक रूप माँ स्वरूप”
Sapna Arora
दिल पे पत्थर ना रखो
दिल पे पत्थर ना रखो
shabina. Naaz
"द्रोह और विद्रोह"
*Author प्रणय प्रभात*
सब तो उधार का
सब तो उधार का
Jitendra kumar
माँ की याद आती है ?
माँ की याद आती है ?
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
कहानी - आत्मसम्मान)
कहानी - आत्मसम्मान)
rekha mohan
कौन कहता है छोटी चीजों का महत्व नहीं होता है।
कौन कहता है छोटी चीजों का महत्व नहीं होता है।
Yogendra Chaturwedi
"ॐ नमः शिवाय"
Radhakishan R. Mundhra
*निरोगी तन हमेशा सुख का, मूलाधार होता है 【मुक्तक】*
*निरोगी तन हमेशा सुख का, मूलाधार होता है 【मुक्तक】*
Ravi Prakash
"दहलीज"
Ekta chitrangini
दोस्ती
दोस्ती
लक्ष्मी सिंह
कोई यहां अब कुछ नहीं किसी को बताता है,
कोई यहां अब कुछ नहीं किसी को बताता है,
manjula chauhan
💐प्रेम कौतुक-388💐
💐प्रेम कौतुक-388💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
रामराज्य
रामराज्य
कार्तिक नितिन शर्मा
मुस्कान
मुस्कान
नवीन जोशी 'नवल'
कैसे देखनी है...?!
कैसे देखनी है...?!
Srishty Bansal
पूजा
पूजा
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
हुनर पे शायरी
हुनर पे शायरी
Vijay kumar Pandey
कहा हों मोहन, तुम दिखते नहीं हों !
कहा हों मोहन, तुम दिखते नहीं हों !
The_dk_poetry
* चान्दनी में मन *
* चान्दनी में मन *
surenderpal vaidya
कोरोना संक्रमण
कोरोना संक्रमण
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Loading...