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9 Nov 2023 · 1 min read

दोहा मुक्तक -*

दोहा मुक्तक -*
पहले सपना देखिए,फिर करिए साकार।
बिना स्वप्न तो जिंदगी ,लगती है बेकार।
संसाधन के नाम पर,अश्रु बहाना छोड़,
तिनका ही पर्याप्त जो,डूब रहा मझधार।।
डाॅ. बिपिन पाण्डेय

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