Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Aug 2023 · 1 min read

// दोहा पहेली //

// दोहा पहेली //
बचा कभी ढेला नहीं,
छिपा गोडसे पर्स
गाँधी टिके न जेब में,
कैसे उपजे हर्ष
– महावीर उत्तरांचली

1 Like · 220 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
View all
You may also like:
समस्या का समाधान
समस्या का समाधान
Paras Nath Jha
तुम्हारी आँखें...।
तुम्हारी आँखें...।
Awadhesh Kumar Singh
■ ब्रांच हर गांव, कस्बे, शहर में।
■ ब्रांच हर गांव, कस्बे, शहर में।
*प्रणय प्रभात*
*मुझे गाँव की मिट्टी,याद आ रही है*
*मुझे गाँव की मिट्टी,याद आ रही है*
sudhir kumar
सच कहूं तो
सच कहूं तो
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
सम्बन्ध (नील पदम् के दोहे)
सम्बन्ध (नील पदम् के दोहे)
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
अधूरी सी ज़िंदगी   ....
अधूरी सी ज़िंदगी ....
sushil sarna
हर एक मंजिल का अपना कहर निकला
हर एक मंजिल का अपना कहर निकला
कवि दीपक बवेजा
ज़िंदगी की अहमियत
ज़िंदगी की अहमियत
Dr fauzia Naseem shad
भजन - माॅं नर्मदा का
भजन - माॅं नर्मदा का
अरविन्द राजपूत 'कल्प'
*नारी*
*नारी*
Dr. Priya Gupta
सद्विचार
सद्विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
तुमसे मिलना इतना खुशनुमा सा था
तुमसे मिलना इतना खुशनुमा सा था
Kumar lalit
कच्चे मकानों में अब भी बसती है सुकून-ए-ज़िंदगी,
कच्चे मकानों में अब भी बसती है सुकून-ए-ज़िंदगी,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
रात नहीं आती
रात नहीं आती
Madhuyanka Raj
चिंगारी बन लड़ा नहीं जो
चिंगारी बन लड़ा नहीं जो
AJAY AMITABH SUMAN
"सावित्री बाई फुले"
Dr. Kishan tandon kranti
भूख-प्यास कहती मुझे,
भूख-प्यास कहती मुझे,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
3357.⚘ *पूर्णिका* ⚘
3357.⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
(22) एक आंसू , एक हँसी !
(22) एक आंसू , एक हँसी !
Kishore Nigam
*गुरु (बाल कविता)*
*गुरु (बाल कविता)*
Ravi Prakash
मैं मजदूर हूं
मैं मजदूर हूं
हरवंश हृदय
International Camel Year
International Camel Year
Tushar Jagawat
कवि
कवि
Pt. Brajesh Kumar Nayak
"कौन अपने कौन पराये"
Yogendra Chaturwedi
🍁मंच🍁
🍁मंच🍁
सुरेश अजगल्ले 'इन्द्र '
लीकछोड़ ग़ज़ल / मुसाफ़िर बैठा
लीकछोड़ ग़ज़ल / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
विश्व कप लाना फिर एक बार, अग्रिम तुम्हें बधाई है
विश्व कप लाना फिर एक बार, अग्रिम तुम्हें बधाई है
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
होने नहीं दूंगा साथी
होने नहीं दूंगा साथी
gurudeenverma198
"" *हे अनंत रूप श्रीकृष्ण* ""
सुनीलानंद महंत
Loading...