Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Dec 2023 · 1 min read

दोहा त्रयी . . . .

दोहा त्रयी. . . .

नैनों की मनुहार को, नैन करें स्वीकार ।
मौन आग्रह शीत में, कौन करे इंकार ।।

देह काँपती शीत में, मुख से निकले भाप ।
अधरों के अभिसार पर, अधर लगाते छाप ।।

वर्तमान सन्दर्भ में, न्यून हुए परिधान ।
पीढ़ी समझे आज की, इसको अपनी शान ।।

सुशील सरना / 18-12-23

137 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
हम जानते हैं - दीपक नीलपदम्
हम जानते हैं - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
समय यात्रा: मिथक या वास्तविकता?
समय यात्रा: मिथक या वास्तविकता?
Shyam Sundar Subramanian
क्या हुआ , क्या हो रहा है और क्या होगा
क्या हुआ , क्या हो रहा है और क्या होगा
कृष्ण मलिक अम्बाला
दिनकर की दीप्ति
दिनकर की दीप्ति
AJAY AMITABH SUMAN
दो दिन की जिंदगी है अपना बना ले कोई।
दो दिन की जिंदगी है अपना बना ले कोई।
Phool gufran
कोई मंत्री बन गया , डिब्बा कोई गोल ( कुंडलिया )
कोई मंत्री बन गया , डिब्बा कोई गोल ( कुंडलिया )
Ravi Prakash
Tum khas ho itne yar ye  khabar nhi thi,
Tum khas ho itne yar ye khabar nhi thi,
Sakshi Tripathi
वो गुलमोहर जो कभी, ख्वाहिशों में गिरा करती थी।
वो गुलमोहर जो कभी, ख्वाहिशों में गिरा करती थी।
Manisha Manjari
हमारा सफ़र
हमारा सफ़र
Manju sagar
मां का प्यार पाने प्रभु धरा पर आते है♥️
मां का प्यार पाने प्रभु धरा पर आते है♥️
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
মানুষ হয়ে যাও !
মানুষ হয়ে যাও !
Ahtesham Ahmad
एक और इंकलाब
एक और इंकलाब
Shekhar Chandra Mitra
मुक्तक।
मुक्तक।
Pankaj sharma Tarun
बेहद मुश्किल हो गया, सादा जीवन आज
बेहद मुश्किल हो गया, सादा जीवन आज
महेश चन्द्र त्रिपाठी
"रंग भर जाऊँ"
Dr. Kishan tandon kranti
चलो मतदान कर आएँ, निभाएँ फर्ज हम अपना।
चलो मतदान कर आएँ, निभाएँ फर्ज हम अपना।
डॉ.सीमा अग्रवाल
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
मेरी गुड़िया
मेरी गुड़िया
Kanchan Khanna
चाटुकारिता
चाटुकारिता
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
#शुभ_प्रतिपदा
#शुभ_प्रतिपदा
*Author प्रणय प्रभात*
ఇదే నా భారత దేశం.
ఇదే నా భారత దేశం.
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
इस दुनियां में अलग अलग लोगों का बसेरा है,
इस दुनियां में अलग अलग लोगों का बसेरा है,
Mansi Tripathi
समस्या
समस्या
Paras Nath Jha
सर्वंश दानी
सर्वंश दानी
Satish Srijan
|नये शिल्प में रमेशराज की तेवरी
|नये शिल्प में रमेशराज की तेवरी
कवि रमेशराज
हमने दीवारों को शीशे में हिलते देखा है
हमने दीवारों को शीशे में हिलते देखा है
कवि दीपक बवेजा
"अंतिम-सत्य..!"
Prabhudayal Raniwal
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
सच तो हम इंसान हैं
सच तो हम इंसान हैं
Neeraj Agarwal
वैसा न रहा
वैसा न रहा
Shriyansh Gupta
Loading...