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7 May 2024 · 1 min read

दोहा त्रयी. .

दोहा त्रयी. .

मैखाने में जाम से, टकराये जब जाम ।
जन्नत जैसी हो गई, मस्तानों की शाम ।।

छम- छम करती बज्म में, साकी लायी जाम ।
डूबे यूँ आगोश में , शाम हुई बदनाम ।।

दो लफ्जों की बात का, कैसे हो इजहार ।
कब समझेगी वो भला, नजरों के इसरार ।।

सुशील सरना / 7-5-24

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