Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
19 Oct 2022 · 1 min read

देख रहे हो न विनोद

तुम देख रहे हो न, विनोद!
देश में क्या हो रहा रोज़!!
ग़रीबों पर उतरता है कैसे
इन पुलिस वालों का क्रोध!!
#बहुजन_क्रांति #भंडाफोड़ #हक़
#शोषण #समाज_सुधार #दलित
#SupremeCourt #जुल्म #law
#police #torture #भ्रष्टाचार

Language: Hindi
362 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
प्रेमचंद ने ’जीवन में घृणा का महत्व’ लिखकर बताया कि क्यों हम
प्रेमचंद ने ’जीवन में घृणा का महत्व’ लिखकर बताया कि क्यों हम
Dr MusafiR BaithA
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
दोनों की सादगी देख कर ऐसा नज़र आता है जैसे,
दोनों की सादगी देख कर ऐसा नज़र आता है जैसे,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
यह नफरत बुरी है ना पालो इसे
यह नफरत बुरी है ना पालो इसे
VINOD CHAUHAN
7-सूरज भी डूबता है सरे-शाम देखिए
7-सूरज भी डूबता है सरे-शाम देखिए
Ajay Kumar Vimal
दूर जाना था मुझसे तो करीब लाया क्यों
दूर जाना था मुझसे तो करीब लाया क्यों
कृष्णकांत गुर्जर
संसद के नए भवन से
संसद के नए भवन से
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
मुक्तक
मुक्तक
गुमनाम 'बाबा'
श्री गणेश का अर्थ
श्री गणेश का अर्थ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
अपना दिल
अपना दिल
Dr fauzia Naseem shad
बेरूख़ी के मार से गुलिस्ताँ बंजर होते गए,
बेरूख़ी के मार से गुलिस्ताँ बंजर होते गए,
_सुलेखा.
#जयहिंद
#जयहिंद
Rashmi Ranjan
इशारा दोस्ती का
इशारा दोस्ती का
Sandeep Pande
23/106.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/106.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
छप्पन भोग
छप्पन भोग
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
आज अचानक फिर वही,
आज अचानक फिर वही,
sushil sarna
!! राम जीवित रहे !!
!! राम जीवित रहे !!
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
जीवन का आत्मबोध
जीवन का आत्मबोध
ओंकार मिश्र
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*संपूर्ण रामचरितमानस का पाठ/ दैनिक रिपोर्ट*
*संपूर्ण रामचरितमानस का पाठ/ दैनिक रिपोर्ट*
Ravi Prakash
अपना भी एक घर होता,
अपना भी एक घर होता,
Shweta Soni
रिश्तों में झुकना हमे मुनासिब लगा
रिश्तों में झुकना हमे मुनासिब लगा
Dimpal Khari
*माटी कहे कुम्हार से*
*माटी कहे कुम्हार से*
Harminder Kaur
सत्य की खोज
सत्य की खोज
Tarun Singh Pawar
माँ की छाया
माँ की छाया
Arti Bhadauria
वो ऊनी मफलर
वो ऊनी मफलर
Atul "Krishn"
ये मन तुझसे गुजारिश है, मत कर किसी को याद इतना
ये मन तुझसे गुजारिश है, मत कर किसी को याद इतना
$úDhÁ MãÚ₹Yá
कुछ ये हाल अरमान ए जिंदगी का
कुछ ये हाल अरमान ए जिंदगी का
शेखर सिंह
जब जलियांवाला काण्ड हुआ
जब जलियांवाला काण्ड हुआ
Satish Srijan
जितना रोज ऊपर वाले भगवान को मनाते हो ना उतना नीचे वाले इंसान
जितना रोज ऊपर वाले भगवान को मनाते हो ना उतना नीचे वाले इंसान
Ranjeet kumar patre
Loading...