Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 May 2024 · 1 min read

देख के तुझे कितना सकून मुझे मिलता है

देख के तुझे कितना सुकून मुझे मिलता है
ये सिर्फ मैं जानता हूँ।
हे तु क्या चीज,ये सिर्फ मैं जानता हूँ।
हे तेरा क्या वजूद इस जहा मे
ये सिर्फ मैं जानता हूँ।
भले ही कुछ ना हो तु ,दुनिया की नजरों मे
क्या है तेरा वजूद ,ये सिर्फ मैं जानता हूँ।
सिखा है मैंने तुझसे बहुत कुछ,क्या है तु
ये सिर्फ मैं जानता हूँ।
दिया है तुने मुझे कितना, क्या है तेरे पास
ये सिर्फ मैं जानता हूँ।
हे तेरा ही अहसास इस दिल को, प्यार हे या कुछ ओर
ये सिर्फ मैं जानता हूँ।
समाया है तु मेरी हर ख्वाईशों मे,हे तु मेरे रब्ब की तरहा,ये सिर्फ मैं जानता हूँ।
***********************************
Swami ganganiya

Language: Hindi
1 Like · 28 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
नारी बिन नर अधूरा✍️
नारी बिन नर अधूरा✍️
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
A Little Pep Talk
A Little Pep Talk
Ahtesham Ahmad
मैं उसको जब पीने लगता मेरे गम वो पी जाती है
मैं उसको जब पीने लगता मेरे गम वो पी जाती है
कवि दीपक बवेजा
खुश रहने वाले गांव और गरीबी में खुश रह लेते हैं दुःख का रोना
खुश रहने वाले गांव और गरीबी में खुश रह लेते हैं दुःख का रोना
Ranjeet kumar patre
"मेरी जिम्मेदारी "
Pushpraj Anant
भावनाओं का प्रबल होता मधुर आधार।
भावनाओं का प्रबल होता मधुर आधार।
surenderpal vaidya
मां का लाडला तो हर एक बेटा होता है, पर सासू मां का लाडला होन
मां का लाडला तो हर एक बेटा होता है, पर सासू मां का लाडला होन
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
"दोस्ती जुर्म नहीं"
Dr. Kishan tandon kranti
स्त्री एक रूप अनेक हैँ
स्त्री एक रूप अनेक हैँ
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
*रियासत रामपुर और राजा रामसिंह : कुछ प्रश्न*
*रियासत रामपुर और राजा रामसिंह : कुछ प्रश्न*
Ravi Prakash
एक साक्षात्कार - चाँद के साथ
एक साक्षात्कार - चाँद के साथ
Atul "Krishn"
स्वागत है  इस नूतन का  यह वर्ष सदा सुखदायक हो।
स्वागत है इस नूतन का यह वर्ष सदा सुखदायक हो।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
कब मेरे मालिक आएंगे!
कब मेरे मालिक आएंगे!
Kuldeep mishra (KD)
#सनातन_सत्य
#सनातन_सत्य
*प्रणय प्रभात*
चुना था हमने जिसे देश के विकास खातिर
चुना था हमने जिसे देश के विकास खातिर
Manoj Mahato
ग़ज़ल /
ग़ज़ल /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पाने की आशा करना यह एक बात है
पाने की आशा करना यह एक बात है
Ragini Kumari
जीवन के अंतिम पड़ाव पर लोककवि रामचरन गुप्त द्वारा लिखी गयीं लघुकथाएं
जीवन के अंतिम पड़ाव पर लोककवि रामचरन गुप्त द्वारा लिखी गयीं लघुकथाएं
कवि रमेशराज
15, दुनिया
15, दुनिया
Dr .Shweta sood 'Madhu'
गज़ल
गज़ल
करन ''केसरा''
सविनय निवेदन
सविनय निवेदन
कृष्णकांत गुर्जर
मां
मां
Irshad Aatif
रंग भरी पिचकारियाँ,
रंग भरी पिचकारियाँ,
sushil sarna
नदिया के पार (सिनेमा) / MUSAFIR BAITHA
नदिया के पार (सिनेमा) / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
प्रेम ही जीवन है।
प्रेम ही जीवन है।
Acharya Rama Nand Mandal
दिल की जमीं से पलकों तक, गम ना यूँ ही आया होगा।
दिल की जमीं से पलकों तक, गम ना यूँ ही आया होगा।
डॉ.सीमा अग्रवाल
पहले से
पहले से
Dr fauzia Naseem shad
हार नहीं, हौसले की जीत
हार नहीं, हौसले की जीत
पूर्वार्थ
पैगाम डॉ अंबेडकर का
पैगाम डॉ अंबेडकर का
Buddha Prakash
तुम मुझे यूँ ही याद रखना
तुम मुझे यूँ ही याद रखना
Bhupendra Rawat
Loading...