Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Oct 2023 · 1 min read

– दीवारों के कान –

– दीवारों के कान –
पहले होती थी बातो को गोपनीय रखने के लिए दीवारे,
दीवारों से रहता था एक दूसरे का मान,
रहता था मान मर्यादा का ध्यान,
सोचने विचारने का सदा रहता था सबको रहता था भान,
आजकल छीन गई गोपनीयता,
छीन गई गोपनीय बातो का मान,
मान मर्यादा का नही रहता है ध्यान,
सोचने विचारने का नही रहता है किसी को भी कोई भान,
क्योंकि पहले होती थी दीवारे,
आजकल हो गए है दीवारों के भी कान,
✍️ भरत गहलोत
जालोर राजस्थान
संपर्क 7742016184-

Language: Hindi
157 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
ये छुटपुट कोहरा छिपा नही सकता आफ़ताब को
ये छुटपुट कोहरा छिपा नही सकता आफ़ताब को
'अशांत' शेखर
जनता के हिस्से सिर्फ हलाहल
जनता के हिस्से सिर्फ हलाहल
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
*तिरंगा मेरे  देश की है शान दोस्तों*
*तिरंगा मेरे देश की है शान दोस्तों*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
हृदय को ऊॅंचाइयों का भान होगा।
हृदय को ऊॅंचाइयों का भान होगा।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
माया का रोग (व्यंग्य)
माया का रोग (व्यंग्य)
नवीन जोशी 'नवल'
कुछ तो गम-ए-हिज्र था,कुछ तेरी बेवफाई भी।
कुछ तो गम-ए-हिज्र था,कुछ तेरी बेवफाई भी।
पूर्वार्थ
*आया फागुन माह (कुंडलिया)*
*आया फागुन माह (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
त्याग
त्याग
Punam Pande
आप और हम
आप और हम
Neeraj Agarwal
Lamhon ki ek kitab hain jindagi ,sanso aur khayalo ka hisab
Lamhon ki ek kitab hain jindagi ,sanso aur khayalo ka hisab
Sampada
कुदरत से मिलन , अद्धभुत मिलन।
कुदरत से मिलन , अद्धभुत मिलन।
Kuldeep mishra (KD)
पग-पग पर हैं वर्जनाएँ....
पग-पग पर हैं वर्जनाएँ....
डॉ.सीमा अग्रवाल
मन सीत मीत दिलवाली
मन सीत मीत दिलवाली
Seema gupta,Alwar
सीप से मोती चाहिए तो
सीप से मोती चाहिए तो
Harminder Kaur
अब उठो पार्थ हुंकार करो,
अब उठो पार्थ हुंकार करो,
अनूप अम्बर
"पाठशाला"
Dr. Kishan tandon kranti
परख: जिस चेहरे पर मुस्कान है, सच्चा वही इंसान है!
परख: जिस चेहरे पर मुस्कान है, सच्चा वही इंसान है!
Rohit Gupta
* प्रभु राम के *
* प्रभु राम के *
surenderpal vaidya
ତୁମ ର ହସ
ତୁମ ର ହସ
Otteri Selvakumar
उसकी आंखों से छलकता प्यार
उसकी आंखों से छलकता प्यार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
कवि का दिल बंजारा है
कवि का दिल बंजारा है
नूरफातिमा खातून नूरी
साँवलें रंग में सादगी समेटे,
साँवलें रंग में सादगी समेटे,
ओसमणी साहू 'ओश'
कर्मठ व्यक्ति की सहनशीलता ही धैर्य है, उसके द्वारा किया क्षम
कर्मठ व्यक्ति की सहनशीलता ही धैर्य है, उसके द्वारा किया क्षम
Sanjay ' शून्य'
Yaade tumhari satane lagi h
Yaade tumhari satane lagi h
Kumar lalit
नारी शक्ति..................
नारी शक्ति..................
Surya Barman
"बारिश की बूंदें" (Raindrops)
Sidhartha Mishra
*A date with my crush*
*A date with my crush*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
जे सतावेला अपना माई-बाप के
जे सतावेला अपना माई-बाप के
Shekhar Chandra Mitra
“दो अपना तुम साथ मुझे”
“दो अपना तुम साथ मुझे”
DrLakshman Jha Parimal
वाह रे जमाना
वाह रे जमाना
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
Loading...