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4 Apr 2024 · 1 min read

दिल

दिल

अक्सर मेरी रातों की नींदें चुरा लिए जाता है कोई
गुलशन से जैसे बहारों को चुरा लिए जाता है कोई
बड़ा सम्हाल के रखा था दिल मैने अपना लेकिन
बड़ी नफ़ासत से दिल को चुरा लिए जाता है कोई

गुमान बहुत था कि दिल नही देंगे किसी को हम
प्यार की राह पर कदम कभी भी नहीं रखेंगे हम
तुमने जो प्यार से उस शाम पलटकर क्या देख लिया
बंधन में सात जन्मों के अब तो जैसे बंध गए हैं हम

इति।

इंजी संजय श्रीवास्तव
बालाघाट मध्यप्रदेश
9425822488

Language: Hindi
36 Views
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