Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Dec 2023 · 1 min read

दिल में कुण्ठित होती नारी

#दिनांक:-5/12/2023
#शीर्षक:-दिल में कुण्ठित होती नारी।

नई नवेली दुल्हन बनकर आयी थी मैं,
अरमानों का पिटारा साथ में प्रेम संगम,
शुरूआत उत्सव जैसा महसूस हुआ मेरा जीवन,
झूम-झूमकर नाचती ख्वाहिशें, मोरनी जैसी उपवन में,
खुले आसमान जैसे थे मेरे प्रिय साजन,
चहक उठी मैं प्रिय के घर-आंगन में,
सास-ससुर लगे दिल को भावन,
प्यारी ननद बड़ी चोख लुभावन,
समय समसामयिक खुशी मनभावन ।

समय की गाड़ी दिखती नहीं पर गतिमान है,
छिन्न-भिन्न होता कुछ समय के बाद अरमान है,
टूटते भ्रम दर्द बहुत चोटिल स्वाभिमान है,
टूटती कतरा-कतरा ख्वाहिशें, अपना मान है ,
आँखों में पानी तो दिल में भयंकर उठता तूफान है ,
बदल गया समय!
बदलाव ही समय की मांग है!
कल तलक थी दुल्हन, आज जिम्मेदारी का अभियान है,
पर फिर भी रूष्ट होता सारा घर जहान है।
मुस्कुराती है जबकि,
दिल में कुण्ठित होती नारी,
महान है।
(स्वरचित)
प्रतिभा पाण्डेय “प्रति”
चेन्नई

Language: Hindi
1 Like · 104 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
रिश्तों से अब स्वार्थ की गंध आने लगी है
रिश्तों से अब स्वार्थ की गंध आने लगी है
Bhupendra Rawat
बोझ लफ़्ज़ों के दिल पे होते हैं
बोझ लफ़्ज़ों के दिल पे होते हैं
Dr fauzia Naseem shad
Kash hum marj ki dava ban sakte,
Kash hum marj ki dava ban sakte,
Sakshi Tripathi
रामायण  के  राम  का , पूर्ण हुआ बनवास ।
रामायण के राम का , पूर्ण हुआ बनवास ।
sushil sarna
कसौटी
कसौटी
Astuti Kumari
कुछ परछाईयाँ चेहरों से, ज़्यादा डरावनी होती हैं।
कुछ परछाईयाँ चेहरों से, ज़्यादा डरावनी होती हैं।
Manisha Manjari
मंदिर बनगो रे
मंदिर बनगो रे
Sandeep Pande
जिंदगी एक ख़्वाब सी
जिंदगी एक ख़्वाब सी
डॉ. शिव लहरी
यही तो मजा है
यही तो मजा है
Otteri Selvakumar
वसंत - फाग का राग है
वसंत - फाग का राग है
Atul "Krishn"
प्यार का बँटवारा
प्यार का बँटवारा
Rajni kapoor
💐प्रेम कौतुक-261💐
💐प्रेम कौतुक-261💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
जरुरी नहीं कि
जरुरी नहीं कि
Sangeeta Beniwal
कभी फुरसत मिले तो पिण्डवाड़ा तुम आवो
कभी फुरसत मिले तो पिण्डवाड़ा तुम आवो
gurudeenverma198
साड़ी हर नारी की शोभा
साड़ी हर नारी की शोभा
ओनिका सेतिया 'अनु '
फितरत
फितरत
Kanchan Khanna
संतोष
संतोष
Manju Singh
जीवन के कुरुक्षेत्र में,
जीवन के कुरुक्षेत्र में,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
खेल सारा वक्त का है _
खेल सारा वक्त का है _
Rajesh vyas
*आदत बदल डालो*
*आदत बदल डालो*
Dushyant Kumar
2941.*पूर्णिका*
2941.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
श्री कृष्णा
श्री कृष्णा
Surinder blackpen
तालाश
तालाश
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
राम बनना कठिन है
राम बनना कठिन है
Satish Srijan
आ ठहर विश्राम कर ले।
आ ठहर विश्राम कर ले।
सरोज यादव
Humans and Animals - When When and When? - Desert fellow Rakesh Yadav
Humans and Animals - When When and When? - Desert fellow Rakesh Yadav
Desert fellow Rakesh
😊पुलिस को मशवरा😊
😊पुलिस को मशवरा😊
*Author प्रणय प्रभात*
ध्यान में इक संत डूबा मुस्कुराए
ध्यान में इक संत डूबा मुस्कुराए
Shivkumar Bilagrami
हे प्रभु मेरी विनती सुन लो , प्रभु दर्शन की आस जगा दो
हे प्रभु मेरी विनती सुन लो , प्रभु दर्शन की आस जगा दो
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
कैसे वोट बैंक बढ़ाऊँ? (हास्य कविता)
कैसे वोट बैंक बढ़ाऊँ? (हास्य कविता)
Dr. Kishan Karigar
Loading...