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19 Feb 2017 · 1 min read

दिल चाहता है

सदा तुमसे मिलने को दिल चाहता है
शामो सुबह आज कल चाहता है

बनाया है तुमको अपना मसीहा
तुम स्वाति जल तो में प्यास पपीहा
तुम्हे राज अपनी मंजिल चाहता है ,सदा ….

तुम्ही दामिनी तुमसे चमके सितारे
लगे सूर्य फीके खहवी मुख तुम्हारे
तुम्हे ‘राज’ अपनी मंजिल चाहता है ,सदा ….

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