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9 Mar 2023 · 1 min read

दलदल में फंसी

अब दिखते ही नहीं हैं
कहीं गली के जादूगर
सूचना तकनीकी ने कर
दिया है उन्हें बेअसर
हाथों को दिनभर व्यस्त
रखते अब मोबाइल फोन
उनके जाल में उलझे लोग
सोचे नहीं है पीड़ा में कौन
घर घर में बन गए हैं आज
अनगिनत से अजब द्वीप
बस खुद में मग्न हैं लोगबाग
सब बिन राज के बने महीप
व्यस्त सभी अति दिखते बिन
काज और उचित व्यापार
अगर कोई अचानक टोक दे
तो आक्रामक दिखे व्यवहार
मनोवैज्ञानिक माने सेलफोन
से बेपटरी हुए मानवीय संबंध
पर व्यापारियों के सरताज कर
रहे धनागम बढ़ाने के ही प्रबंध
ऐसे मोड़ पर खड़े हैं आज जग
के विविध देशों के कर्णधार
कदम जो पीछे खींचना भी चाहें
तो बनेगा कोई भी न मददगार
तकनीकी के दलदल में फंसी है
तीसरी दुनिया की बड़ी आबादी
नव तकनीकी के नाम पर होती
जा रही अर्थव्यवस्था की बर्बादी

Language: Hindi
208 Views
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