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25 Jun 2016 · 1 min read

दर्शन

मुक्तक
कल रहा जो कल रहेगा जानता है कौन।
मृत्यु किसकी और जग में जन्मता है कौन।
धर्म बदलें मूलतः तो तत्व हैं सब एक।
मोहवश इस सत्य को जन मानता है कौन।
अंकित शर्मा’ इषुप्रिय’
रामपुर कलाँ,सबलगढ(म.प्र.)

Language: Hindi
563 Views
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Books from अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
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